77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 18,78,726 छात्रों के बैंक खातों में ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस योजना को लागू कर सरकार ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और सामाजिक न्याय उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर युवाओं पर टिका है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी गरीब या जरूरतमंद छात्र की पढ़ाई पैसे की कमी की वजह से न रुके। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों और छात्रों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
पिछली सरकारों पर हमला, पारदर्शिता को बताया सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में छात्रवृत्ति योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं। परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण गरीबों के बच्चों तक मदद नहीं पहुंच पाती थी। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि “दोपहर 12 बजे तक सोकर उठने वालों को गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता कभी नहीं रही।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। DBT प्रणाली के जरिए छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्रों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के सही इस्तेमाल से ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस बनाया गया है और यही वजह है कि आज गणतंत्र दिवस पर लाखों छात्रों को एक साथ इसका लाभ मिल रहा है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, छात्रवृत्ति से बदली छात्रों की जिंदगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने शिक्षा ढांचे में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की हालत पूरी तरह बदल दी गई है। अब स्कूलों में बेहतर भवन, मूलभूत सुविधाएं और योग्य शिक्षक उपलब्ध हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों के जरिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति से लाभ पाकर सफल हुई एक छात्रा का उदाहरण भी दिया, जो आज उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक के पद पर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मनिर्भर बनना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है और ऐसी योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
आत्मनिर्भर युवा, सामाजिक सुरक्षा और विकसित भारत का संकल्प
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना भी है। उन्होंने बताया कि अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी योजनाएं “राष्ट्र प्रथम” की भावना से चलाई जा रही हैं। आज गणतंत्र दिवस पर छात्रों को मिली यह छात्रवृत्ति विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है और सरकार आगे भी युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
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