महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती इलाके में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ट्रेनर विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा बारामती MIDC क्षेत्र के गोजुबावी इलाके में हुआ, जहां रेड बर्ड कंपनी का दो सीटों वाला प्रशिक्षण विमान नीचे गिर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह करीब साढ़े आठ बजे आसमान से अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद लोगों ने देखा कि एक छोटा विमान जमीन पर गिरा पड़ा है। घटना के बाद आसपास के गांव और इलाके के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई। राहत की बात यह रही कि विमान किसी रिहायशी मकान पर नहीं गिरा, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था और अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद यह हादसा हुआ।
इंजन में खराबी की आशंका, पायलट ने दिखाई सूझबूझ
स्थानीय सूत्रों और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। बताया जा रहा है कि पायलट ने विमान को नियंत्रित रखने की पूरी कोशिश की और इमरजेंसी लैंडिंग करने का प्रयास किया। हालांकि विमान सुरक्षित तरीके से उतर नहीं पाया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय विमान काफी नीचे उड़ रहा था और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद वह खेत जैसे खुले इलाके में जाकर गिरा। हादसे के बावजूद पायलट की सूझबूझ ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया। यदि विमान आबादी वाले इलाके में गिरता तो कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। अधिकारियों का कहना है कि विमान पूरी तरह प्रशिक्षण उपयोग के लिए था और उसमें केवल एक पायलट मौजूद था। फिलहाल विमान के ब्लैक बॉक्स और तकनीकी हिस्सों की जांच की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हादसे की पूरी कहानी
घटना के बाद इलाके में मौजूद लोगों ने जो देखा, उसने सभी को डरा दिया। एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह अपने घर के अंदर थीं, तभी अचानक जोरदार आवाज आई। पहले उन्हें लगा कि शायद कोई बड़ा वाहन टकरा गया है या किसी फैक्ट्री में विस्फोट हुआ है। जब वह बाहर निकलीं तो देखा कि एक विमान नीचे गिरा हुआ है। महिला ने बताया कि आसपास के लोग काफी घबरा गए थे क्योंकि सभी को डर था कि विमान में आग लग सकती है। लोगों ने एक-दूसरे को पास जाने से रोका। इसी बीच विमान का दरवाजा खुला और पायलट खुद बाहर निकल आया। उसने लोगों को बताया कि वह सुरक्षित है और उसे ज्यादा चोट नहीं लगी है। यह देखकर लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के कुछ मिनट बाद तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने ही सबसे पहले स्थिति संभालने की कोशिश की और आसपास भीड़ जमा होने से रोका।
जांच शुरू, प्रशासन ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
विमान हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया। अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और विमान के हिस्सों को कब्जे में लिया। फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। विमानन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है और तकनीकी टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में इंजन फेल होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पायलट की हालत खतरे से बाहर है और उसे प्राथमिक उपचार दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशिक्षण विमानों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग भी जानना चाहते हैं कि आखिर उड़ान के दौरान ऐसी तकनीकी खराबी कैसे हुई। फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
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