HomeEntertainment‘₹10 का डाइपर नहीं होता लीक, लेकिन…’ खान सर के बयान से...

‘₹10 का डाइपर नहीं होता लीक, लेकिन…’ खान सर के बयान से मचा बवाल, NTA पर उठे बड़े सवाल

NEET पेपर लीक मामले पर शिक्षक खान सर ने NTA और जांच व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

-

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच जाने-माने शिक्षक खान सर का बयान तेजी से चर्चा में आ गया है। उन्होंने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। खान सर ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का आत्मविश्वास इस तरह की घटनाओं से टूट जाता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, लेकिन जांच के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उनके मुताबिक जब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब ऐसे गिरोहों का मनोबल बढ़ जाता है और वे दोबारा वही अपराध करते हैं। खान सर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और छात्र भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक की खबरों से उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति दोनों प्रभावित होती हैं।

‘Never Trustable Agency’ वाले बयान ने बढ़ाई हलचल

खान सर ने अपने बयान में NTA पर तंज कसते हुए कहा कि एजेंसी का नाम “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी” नहीं बल्कि “नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी” होना चाहिए। उन्होंने बेहद तीखे अंदाज में कहा कि “₹10 का बच्चों का डाइपर तक लीक नहीं होता, लेकिन इनका पेपर लीक हो जाता है।” उनके इस बयान ने राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि पेपर लीक की जानकारी किसी जांच एजेंसी ने नहीं बल्कि छात्रों ने सरकार तक पहुंचाई। उनके मुताबिक अगर परीक्षा कराने वाली एजेंसियां समय रहते ऐसी घटनाओं को नहीं पकड़ पा रही हैं तो उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। खान सर ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। उनका मानना है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ियां शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर डालती हैं।

CBI जांच पर भी उठाए सवाल, रिटायर जज की मांग

खान सर ने सिर्फ NTA ही नहीं बल्कि जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर हर मामले की जांच लंबे समय तक चलती रहे और नतीजे समय पर न आएं, तो छात्रों को न्याय मिलने में देरी होती है। उन्होंने कहा कि अगर यह मामला केवल जांच एजेंसियों के भरोसे छोड़ दिया गया तो संभव है कि छात्रों का पूरा मेडिकल कोर्स खत्म हो जाए लेकिन जांच पूरी न हो। इसी वजह से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर जज को इस पूरे मामले का ऑब्जर्वर बनाने की मांग की। खान सर ने कहा कि तय समयसीमा के भीतर दोषियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। उनके अनुसार अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी अलग-अलग राज्यों से इसी तरह के मामलों की खबरें आती रहेंगी। उन्होंने राजस्थान और केरल जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।

प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील

अपने बयान में खान सर ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी परीक्षा में बार-बार हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए शीर्ष स्तर पर सख्त कदम उठाने जरूरी हैं। खान सर ने यह भी कहा कि अक्सर पेपर लीक के बाद अगली परीक्षा का स्तर अचानक बहुत कठिन बना दिया जाता है, जिसका नुकसान ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को उठाना पड़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 में पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा का स्तर काफी कठिन कर दिया गया था। साथ ही उन्होंने 1997 के IIT-JEE पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उसके बाद परीक्षा का स्तर इतना कठिन हुआ कि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। अब खान सर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों के बीच बहस तेज हो गई है। कई लोग परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

Read more-PM मोदी की अपील पर भड़के अखिलेश! बोले- ‘ये देश से नहीं, अपने पतन की घोषणा कर रहे हैं’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts