रीवा एक्सप्रेस में हुई एक रहस्यमयी घटना ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा छेड़ दी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामलों में सक्रिय रहने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि ट्रेन यात्रा के दौरान उन पर हमला किया गया और उनकी नाक काटने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि वह गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे और इसी दौरान ट्रेन के अंदर यह घटना हुई। ब्रह्मचारी के अनुसार कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और धारदार वस्तु से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। घायल होने के बाद उन्होंने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया और किसी तरह अपनी जान बचाई। बाद में प्रयागराज पहुंचने के बाद उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
हमले का आरोप और साजिश की आशंका
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस घटना को साधारण झगड़ा नहीं बल्कि एक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से धार्मिक मुद्दों से जुड़े मामलों में सक्रिय हैं और इसी वजह से उन्हें पहले भी धमकियां मिलती रही हैं। उनका आरोप है कि ट्रेन में हमला करने वाले लोग पहले से ही उन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बनाकर आए थे। घटना के समय ट्रेन कौशांबी जिले के पास से गुजर रही थी। ब्रह्मचारी का कहना है कि अचानक हुए हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी नाक पर गहरा घाव हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों का मकसद उन्हें डराना या गंभीर रूप से घायल करना था। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
नया मोड़: ‘खुद लगाया चीरा’ का दावा
हालांकि इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने अलग दावा कर दिया। उनका कहना है कि घटना उतनी सीधी नहीं है जितनी बताई जा रही है। फलाहारी का आरोप है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने ट्रेन के टॉयलेट में खुद ही अपनी नाक पर चीरा लगाया हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है। उन्होंने यहां तक मांग की कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और जरूरत पड़े तो ब्रह्मचारी का नार्को टेस्ट भी कराया जाए। फलाहारी के इस बयान के बाद मामला और ज्यादा विवादित हो गया है। अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर ट्रेन में वास्तव में हुआ क्या था। क्या सच में हमला हुआ या फिर मामला कुछ और ही है।
जांच में जुटी पुलिस, सच का इंतजार
घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ कर रही है और संभावित सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। साथ ही ट्रेन के सीसीटीवी कैमरों और स्टेशन पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। इस बीच यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे गंभीर सुरक्षा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग घटना की सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि वही तय करेगी कि रीवा एक्सप्रेस में हुई यह घटना हमला थी या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है।
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