ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग के बाद हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। जेवर थाना क्षेत्र में अचानक बस में आग लगने के बाद कुछ ही समय में पूरा वाहन लपटों से घिर गया। बस में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए।
यात्री बोले- चारों तरफ था धुआं, निकलना हुआ मुश्किल
हादसे से बचकर निकले एक यात्री ने बताया कि वह बस में सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद यात्रियों में बाहर निकलने के लिए अफरा-तफरी मच गई। यात्री के मुताबिक बस के अंदर इतना धुआं भर गया था कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। भीड़ के बीच किसी तरह रास्ता बनाकर वह बाहर निकल सका। उसने बताया कि बस में उस समय काफी संख्या में लोग मौजूद थे और हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था।
VIDEO | Hyderabad: Private bus gutted in fire near Meerpet petrol pump, several passengers evacuate safely. More details are awaited.#HyderabadNews
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/ZkgpBFN7dR
— Press Trust of India (@PTI_News) September 24, 2026
महिला यात्री ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती
एक महिला यात्री ने बताया कि दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली। बस के अंदर पहले से ही काफी भीड़ थी। हालात इतने बिगड़ गए कि वह अपना सामान तो दूर, जूते तक नहीं पहन सकी और सिर्फ मोबाइल लेकर बाहर की ओर भागी। बाहर निकलने के दौरान यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और किसी व्यक्ति ने उसे खींचकर बस से बाहर निकाला। महिला के मुताबिक बाहर निकलने के बाद चारों तरफ धुआं था और कुछ समय तक उसे समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। उसने यह भी बताया कि उसके पीछे कई लोग मौजूद थे, जो बाहर नहीं निकल सके।
बस में कितने यात्री थे? आग कैसे लगी, जांच जारी
शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद सामने आए वीडियो में बस को आग की लपटों से घिरा देखा जा सकता है। फिलहाल आग लगने की वजह और हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही घटना के कारणों और नुकसान की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
