उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े (Vinod Tawde) ने रविवार, 6 सितंबर को लखनऊ में मुलाकात की। तावड़े दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री और यूपी के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पहुंचकर उनसे शिष्टाचार भेंट की। हालांकि, मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
2027 के चुनाव को लेकर संगठन पर नजर
विनोद तावड़े (Vinod Tawde) की योगी आदित्यनाथ से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। माना जा रहा है कि बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, पार्टी संगठन और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। खास तौर पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर पार्टी का फोकस है। यूपी प्रभारी के तौर पर तावड़े का यह पहला लखनऊ दौरा है, इसलिए उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर @BJP4India के मा. राष्ट्रीय महामंत्री, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी श्री @TawdeVinod जी व मा. राष्ट्रीय मंत्री, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह-प्रभारी श्री @IJAGDISHPATEL जी से शिष्टाचार भेंट हुई। pic.twitter.com/xXlY53SKRS
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 6, 2026
जिला से प्रदेश स्तर तक पदाधिकारियों के साथ बैठक
विनोद तावड़े (Vinod Tawde) 5 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बीजेपी के जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्होंने संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों की जानकारी हासिल की। साथ ही आने वाले दिनों में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी कार्यकर्ताओं से चर्चा की। तावड़े ने पदाधिकारियों से चुनाव से पहले संगठन को और सक्रिय करने पर जोर दिया।
स्वागत में भीड़ नहीं, संगठन मजबूत करने का संदेश
बीजेपी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े (Vinod Tawde) ने अपने दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को एक अलग संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि उनके स्वागत के लिए जगह-जगह सड़कों पर भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं है। साथ ही पोस्टर और होर्डिंग्स से सड़कों को भरने से भी बचने की बात कही। उनका जोर दिखावे के बजाय संगठन के काम पर रहा। ऐसे में योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात और पिछले दो दिनों की संगठनात्मक बैठकों को 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति तैयार करने की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
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