Lucknow Triple Murder: लखनऊ के सआदतगंज इलाके में तीन लोगों की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि मृतक आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की जाएगी। परिवार की बेटी की पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाएगी। इसके साथ ही परिवार को आजीवन सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि मामले के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इन घोषणाओं के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। हालांकि, अवैध निर्माण पर कार्रवाई नियमानुसार जांच और संबंधित प्रक्रिया के तहत ही होगी।
कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर विवाद, तीन लोगों की गई जान
यह सनसनीखेज घटना सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला इलाके की बताई जा रही है। यहां कार खड़ी करने और वट वृक्ष के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर दो पड़ोसी परिवारों के बीच करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। सोमवार सुबह यह विवाद हिंसक हो गया। घटना में शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश (30) और भाई शिवेंद्र उर्फ शम्भू (55) की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामूली दिखने वाला पार्किंग विवाद इतना बढ़ गया कि तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मंदिर के पास कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
परिवार की ओर से सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, सोमवार सुबह सुयश की कार घर के पास शिवालय के सामने खड़ी थी। शिवाजी तिवारी रोज की तरह मंदिर में जल चढ़ाने गए थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया और कार खड़ी करने पर आपत्ति जताई। आरोप है कि कहासुनी के दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। शोर सुनकर शिवेंद्र भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के एक सदस्य के बयान के अनुसार, इसके बाद ऋषभ के परिवार के कुछ लोग भी वहां आ गए। आरोप है कि मारपीट और पथराव के बीच ऋषभ ने पिस्टल से गोली चला दी। शिवाजी और शिवेंद्र के बाद सुयश भी गोली लगने से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। इन घटनाओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया में होनी है।
पांच लोग हिरासत में, अवैध हथियार बरामद होने का दावा
पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश, चाचा राजेश और उसकी दो बहनों समेत पांच लोगों को पकड़े जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी के पास से कथित तौर पर अवैध पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को नौकरी, शिक्षा खर्च और सुरक्षा देने की घोषणाओं के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपी के कथित अवैध निर्माण को लेकर क्या कानूनी कार्रवाई होती है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच और प्रशासन के अगले कदम अहम बने हुए हैं।
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