मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मृत्युदंड पाने वाले मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने जिला अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है। दोनों की ओर से दाखिल अपील पर हाई कोर्ट की दो जजों वाली पीठ ने सुनवाई की। इस मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। अब हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को दी चुनौती, डबल बेंच में हुई सुनवाई
मुस्कान और साहिल ने अपनी अपील में निचली अदालत की दोषसिद्धि और फांसी की सजा के आदेश को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की डबल बेंच में हुई। जिला अदालत के फैसले के बाद अब हाई कोर्ट में मामले की कानूनी समीक्षा होगी। मृत्युदंड से जुड़े मामलों में अपील की प्रक्रिया अहम होती है, क्योंकि उच्च अदालत को निचली अदालत के फैसले और सजा पर विचार करना होता है। हालांकि, अगली सुनवाई में क्या रुख सामने आएगा, यह अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।
14 अक्टूबर को जिला अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा
इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुकदमे की सुनवाई के दौरान 127 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फैसला सुनाए जाने से पहले दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था। सजा के बारे में अपनी बात रखने का अवसर मिलने पर दोनों ने कुछ कहने से इनकार कर दिया था। अब इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मार्च 2025 में हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात उनकी हत्या की गई और शव के टुकड़ों को एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया था। 18 मार्च को सौरभ के भाई को घर में संदिग्ध परिस्थितियों और दुर्गंध के कारण शक हुआ, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। अब दोनों की अपील पर 30 नवंबर को होने वाली सुनवाई इस चर्चित मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने में अहम होगी।
