Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में कार पार्किंग और वट वृक्ष के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर चल रहा विवाद तीन लोगों की हत्या की वजह बन गया। ब्राह्मणी टोला में सोमवार दोपहर हुई इस वारदात में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश (30) और भाई शिवेंद्र (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब एक महीने से तनाव चल रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए।
मंदिर के पास कार खड़ी करने पर शुरू हुई कहासुनी, फिर चलीं गोलियां
परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन सुयश की कार घर के पास स्थित शिवाला के सामने खड़ी थी। सुबह करीब 10:30 बजे शिवाजी तिवारी मंदिर में पूजा करने गए थे। इसी दौरान पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया और कार खड़ी करने को लेकर विरोध जताया। आरोप है कि बातचीत जल्द ही गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गई। चबूतरा निर्माण को लेकर पुरानी नाराजगी भी इस विवाद में सामने आई। शोर सुनकर शिवेंद्र मौके पर पहुंचे। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, इसके बाद ऋषभ की बहनों और अन्य परिजनों की भी मौके पर मौजूदगी रही। इसी दौरान कथित तौर पर असलहा लाया गया और ऋषभ ने शिवाजी, शिवेंद्र तथा वहां पहुंचे सुयश पर गोली चला दी। तीनों गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसकी तीन बहनें गिरफ्तार
Lucknow पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसकी तीन बहनों दिव्या, प्रीति तथा अदिति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ऋषभ मर्चेंट नेवी में काम करता है और उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और गोलियां बरामद हुई हैं। शिवेंद्र की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत पर ऋषभ, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला और तीन बहनों समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य नामजद लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटना के बाद मोहल्ले में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के जरिए विवाद की पृष्ठभूमि और वारदात में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
घर में शादी की तैयारी के बीच उजड़ा परिवार
Lucknow के इस हत्याकांड ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिजनों के अनुसार, सुयश की शादी तय थी और घर में सगाई, विवाह तथा अन्य रस्मों की तैयारियां चल रही थीं। परिवार हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौटा था। इसी बीच तीन सदस्यों की मौत से घर में शोक छा गया। दूसरी ओर, घटना के तुरंत बाद आरोपी को पकड़ने वाले सिपाही कार्तिक की बहादुरी की भी चर्चा हो रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सूचना मिलने पर सआदतगंज थाने से पहुंचे सिपाही ने बिना हथियार के ही साहस दिखाते हुए ऋषभ को पकड़ लिया। अधिकारियों ने उनके प्रयास की सराहना करते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि हत्या से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
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