UP MLC: उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट के शुरुआती रुझानों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ध्रुव त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी (सपा) के डॉ. संजय त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती रुझानों में किसी एक उम्मीदवार की जीत की तस्वीर साफ नहीं हुई है। ऐसे में अगले राउंड की मतगणना पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि आगे की गिनती में किस प्रत्याशी को बढ़त मिलती है और मुकाबला किस दिशा में जाता है।
मेरठ में शिक्षक सीट पर बीजेपी, स्नातक सीट पर सपा आगे
एमएलसी चुनाव की मतगणना में मेरठ से भी अहम रुझान सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मेरठ शिक्षक सीट पर बीजेपी के श्रीचंद शर्मा बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी के परमिंदर भाटी आगे चल रहे हैं। दोनों सीटों पर शुरुआती चरण में 7-7 हजार वोटों की गिनती पूरी होने की जानकारी दी गई है। इस दौरान कई सौ मत निरस्त भी हुए हैं। मतगणना आगे बढ़ने के साथ उम्मीदवारों के बीच अंतर में बदलाव हो सकता है। इसलिए शुरुआती बढ़त को अंतिम नतीजा मानना जल्दबाजी होगी। सभी प्रत्याशियों की निगाहें अंतिम परिणाम और जीत के आधिकारिक ऐलान पर लगी हैं।
मतगणना में देरी का आरोप, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से की मांग
मतगणना के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मामले का संज्ञान लेने और नतीजों को पारदर्शी तरीके से घोषित करने की मांग की। अखिलेश यादव का आरोप है कि यूपी एमएलसी चुनाव में मतों की गिनती धीमी गति से कराई जा रही है और हर राउंड का परिणाम आधिकारिक रूप से साझा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों और मीडिया को समय पर जानकारी नहीं मिल रही है। हालांकि, ये आरोप सपा प्रमुख की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक सतर्क रहने के निर्देश, प्रशासन को दी चेतावनी
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि सपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मतगणना पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक सक्रिय रहने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी या कमिश्नर की ओर से किसी तरह की गड़बड़ी की कोशिश की जाती है, तो पार्टी आंदोलन करेगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाएगी। दूसरी ओर, चुनावी मुकाबले में गोरखपुर-फैजाबाद की शिक्षक सीट और मेरठ की दोनों सीटों के रुझानों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंतिम परिणाम किसके पक्ष में जाते हैं और क्या शुरुआती रुझान चुनावी तस्वीर को पूरी तरह बदल पाएंगे।
