उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने तहलका मचा दिया है, जिसमें कुछ युवकों द्वारा एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ सरेआम अभद्रता और मारपीट की जा रही है। मामला बरेली के व्यस्त कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां नगर निगम के गेट के पास कुछ युवकों ने एक बुजुर्ग को घेर लिया। आरोप है कि इन युवकों ने बुजुर्ग पर दबाव बनाया कि वे जोर-जोर से विशेष धार्मिक नारे लगाएं। जब बुजुर्ग ने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपियों ने न केवल उनकी दाढ़ी खींची बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहा है।
जब मसीहा बनकर आया हिंदू युवक, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा
इस शर्मनाक वाकये के दौरान वहां एक ऐसा वाकया भी हुआ जिसने इंसानियत की उम्मीद जगाई, लेकिन उसका अंजाम भी बुरा हुआ। भीड़ के बीच मौजूद एक हिंदू युवक जिसका नाम रिंकू यादव बताया जा रहा है, उसने मुस्लिम बुजुर्ग के साथ हो रही इस नाइंसाफी का कड़ा विरोध किया। रिंकू ने आरोपियों को ऐसा करने से रोका और कहा कि किसी के साथ जबरदस्ती करना कानूनन और सामाजिक रूप से गलत है। लेकिन दबंग किस्म के इन युवकों ने रिंकू की एक न सुनी और उलटा उसी पर पिल पड़े। आरोपियों ने रिंकू यादव के साथ भी जमकर मारपीट की, जिससे उसे शरीर पर कई चोटें आईं। घायल अवस्था में रिंकू को फौरन प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर समाज में आपसी सौहार्द किस दिशा में जा रहा है।
थाने के बाहर गरमाई सियासत, एआईएमआईएम नेता ने समर्थकों संग किया हंगामा
जैसे ही यह वीडियो और घटना की खबर शहर में फैली, वैसे ही इस पर सियासी भूचाल आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक दलों के नेता भी मैदान में उतर आए। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय नेता नदीम कुरैशी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ सीधे कोतवाली थाने पहुंच गए। थाने के बाहर समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया। नदीम कुरैशी ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि बुजुर्ग और हिंदू युवक के साथ मारपीट करने वाले सभी आरोपियों की तुरंत पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन पर भी मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का भारी दबाव बन गया है, क्योंकि वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से शहर का माहौल संवेदनशील हो गया है।
पुलिस की जांच शुरू, मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया बड़ा अपडेट
इस पूरे प्रकरण पर जब पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आई, तो कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई। घायल हिंदू युवक रिंकू यादव की औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव चौधरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। इसके साथ ही पीड़ित रिंकू यादव का पुलिस की निगरानी में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिसमें डॉक्टरों ने उसे सिंपल इंजरी (साधारण चोटें) आने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
