लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से पाले जा रहे पशुओं को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पारा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान पशुपालकों ने नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद सरकारी वाहनों पर पथराव भी किया गया। हमले में नगर निगम के तीन कर्मचारी और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल घायल हुए हैं। चौकी प्रभारी के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
18 भैंसों को पकड़ते ही शुरू हुआ विवाद
मामला आदर्श विहार और जनता विहार कॉलोनी का बताया जा रहा है। रविवार को नगर निगम की कैटल कैचर टीम को इलाके में अवैध रूप से पशु पाले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम पशुओं को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 18 भैंसों को पकड़कर वाहनों में लोड करना शुरू किया। इसी दौरान कुछ पशुओं के मालिकों ने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पशुपालकों ने नगर निगम की टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और टीम के कर्मचारियों को बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
सरकारी वाहनों पर भी किया गया पथराव
पशुपालकों के विरोध ने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लखनऊ नगर निगम की टीम के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भी पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद सरकारी वाहनों पर पत्थर फेंके गए। पथराव की वजह से नगर निगम के चार सरकारी वाहनों के आगे के शीशे टूट गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।
चौकी प्रभारी समेत चार लोग घायल
हमले में नगर निगम के तीन कर्मचारियों को चोटें आई हैं। इसके अलावा बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि पथराव और मारपीट के दौरान चौकी प्रभारी के सिर में गंभीर चोट लगी। घायल कर्मचारियों और पुलिसकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को सुरक्षित रखने की थी। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा भी मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ ने कथित तौर पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
अवैध पशुपालन के खिलाफ कार्रवाई पर उठे सवाल
लखनऊ शहर के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से पशु पालने की शिकायतों के बाद नगर निगम की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं से होने वाली परेशानी और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करना होता है। हालांकि, लखनऊ की इस घटना ने कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी तरफ सरकारी टीम पर हमला और वाहनों में तोड़फोड़ को गंभीर घटना माना जा रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि हमले में कितने लोग शामिल थे और उनके खिलाफ कौन-कौन सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
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