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12 साल बाद रिंग में फिर गूंजा भारत का डंका, मैरी कॉम के बाद लवलीना ने रचा नया इतिहास! जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। मैरी कॉम के बाद यह कारनामा करने वाली वे दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं। पढ़ें पूरी खबर।

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एशियाई खेल 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में भारत को एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। रिंग में अपने मुक्कों की छाप छोड़ने वाली स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बड़े मंच की खिलाड़ी हैं। कड़े मुकाबले में विरोधी खिलाड़ी को पछाड़ते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह भारत के लिए इन खेलों का कुल 12वां गोल्ड मेडल है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है।

फाइनल में चीनी मुक्केबाज को दी करारी शिकस्त

महिलाओं की 75 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain)का सामना चीन की मजबूत मुक्केबाज बाओ जियी से था। मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक और कांटे का रहा। पहले दो राउंड तक दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला बेहद करीबी चल रहा था और अंकों का अंतर काफी कम था। हालांकि, दबाव के पलों में संयम रखते हुए लवलीना ने तीसरे और आखिरी राउंड में पूरी तरह बाजी पलट दी। उन्होंने ताबड़तोड़ पंच बरसाते हुए एकतरफा बढ़त बनाई और अंत में चीनी बॉक्सर को 5-0 के सर्वसम्मति फैसले से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

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2022 की नाकामी को 2026 में बदला सुनहरे अहसास में

लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) के लिए यह स्वर्ण पदक सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार और कड़ी मेहनत का नतीजा है। इससे पहले साल 2022 के एशियाई खेलों में लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) को फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था और उन्हें केवल रजत पदक (सिल्वर मेडल) से ही संतोष करना पड़ा था। उस हार से सीख लेते हुए लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने अपनी तकनीक और स्टेमिना पर कड़ी मेहनत की। ठीक चार साल बाद उन्होंने उसी मंच पर वापसी की और पदक का रंग बदलकर देश को सबसे बड़ा तोहफा दिया। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

मैरी कॉम के स्पेशल क्लब में शामिल हुईं लवलीना

इस स्वर्णिम सफलता के साथ ही लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की महज दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह कारनामा देश की महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने साल 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में 51 किलोग्राम भारवर्ग में किया था। मैरी कॉम के बाद बीते 12 सालों में कोई भी भारतीय महिला बॉक्सर एशियन गेम्स में गोल्ड तक नहीं पहुंच पाई थी। 75 किग्रा वर्ग में इतिहास रचकर लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने न सिर्फ मैरी कॉम के उस सूखे को खत्म किया है, बल्कि आने वाली युवा महिला मुक्केबाजों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल भी कायम की है।

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