उत्तर प्रदेश के कानपुर से सरकारी दफ्तर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को शास्त्री नगर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय का बताया जा रहा है। वीडियो में एक कर्मचारी अधिकारी के कमरे के अंदर फर्श पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह कथित रूप से नशे की हालत में था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कर्मचारी की पहचान के बाद विभाग हरकत में आया
जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाले कर्मचारी की पहचान अनिल कुमार शर्मा के रूप में बताई जा रही है। वह शिक्षा विभाग में वरिष्ठ कार्यालय सहायक के पद पर कार्यरत हैं और कई वर्षों से विभाग में सेवा दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि यदि सरकारी कार्यालय में इस तरह की स्थिति है तो आम लोगों के कामकाज पर इसका क्या असर पड़ता होगा। हालांकि, विभाग ने अभी तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बीएसए ने जांच के दिए आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) हरिओम ने बताया कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी मिल चुकी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी दीपक अवस्थी को सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की हर पहलू से जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि वीडियो कब का है और उसमें दिखाई देने वाला कर्मचारी वास्तव में नशे की हालत में था या नहीं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
फिलहाल शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि बिना जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। यदि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। विभाग का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
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