लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के केंद्र अयोध्या धाम से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान-पुण्य की राशि में भारी गबन का आरोप लगा है। इस कथित घोटाले की गूंज अब बॉलीवुड और टीवी जगत तक पहुंच चुकी है। दूरदर्शन की ऐतिहासिक ‘रामायण’ में लक्ष्मण की भूमिका निभाकर घर-घर में लोकप्रिय हुए अभिनेता सुनील लहरी ने इस घटना पर अपनी गहरी नाराजगी और तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को भक्तों की भावनाओं के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ बताया है।
रक्षक ही बने भक्षक: सुनील लहरी का फूटा गुस्सा
सुनील लहरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे अभिनेता ने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार, अनगिनत बलिदानों और करोड़ों भक्तों की गाढ़ी कमाई के सहयोग से रामलला का यह पावन मंदिर बना है। ऐसे पवित्र स्थान पर चोरी होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जहां सुरक्षा और ईमानदारी की उम्मीद थी, वहां ‘रक्षक ही भक्षक’ बन गए। श्रद्धालुओं के विश्वास को इस तरह ठेस पहुंचाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
सऊदी अरब जैसी सख्त सजा की मांग
अपने वीडियो में सुनील लहरी ने दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग की है जो भविष्य के लिए एक नजीर बन सके। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस अपराध के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें इतनी कठोर सजा मिलनी चाहिए कि उनकी आने वाली सात पीढ़ियां भी ऐसा पाप करने से पहले कांप उठें। मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे सऊदी अरब जैसे देशों में चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में रूह कंपा देने वाली सख्त सजाएं दी जाती हैं, वैसा ही कड़ा रुख भारत में भी अख्तियार करने की जरूरत है, ताकि फिर कभी कोई पवित्र स्थलों की तरफ आंख उठाने की हिम्मत न कर सके।
सियासी गलियारों से एसआईटी जांच और गिरफ्तारियों तक का पूरा सच
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तेज नारायण पवन पांडे ने राम मंदिर की दान-पेटियों से लगभग 5 करोड़ से लेकर 7.5 करोड़ रुपये तक के गबन का गंभीर आरोप लगाया। मामला सामने आते ही उत्तर प्रदेश सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई और पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया। एसआईटी की शुरुआती तफ्तीश में वित्तीय अनियमितताओं और हेरफेर की पुष्टि हुई है। पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक इस मामले में संलिप्त 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, और आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ जारी है।
