केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में अब गैर–सनातनी श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए नई पॉलिसी लागू हो गई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गैर–हिंदू श्रद्धालुओं को अब प्रवेश के लिए एक लिखित घोषणा या एफिडेविट देना होगा। इसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे हिंदुत्व और सनातन धर्म में आस्था रखते हैं।
इस निर्णय से पहले समिति की बोर्ड बैठक में चर्चा हुई थी कि गैर–सनातनी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए। हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था की पुष्टि करना और धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Sara Ali Khan की विशेष स्थिति
अभिनेत्री सारा अली खान (Sara Ali Khan) केदारनाथ धाम में कई बार दर्शन कर चुकी हैं। उनकी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग भी यहीं हुई थी, जिससे उनका धाम से विशेष लगाव जुड़ा हुआ है। हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब सारा के दर्शन के विषय पर सवाल किया गया, तो हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उन्हें भी बाकी श्रद्धालुओं की तरह एफिडेविट भरना होगा, जिसमें यह लिखना होगा कि वे सनातन धर्म और हिंदुत्व में आस्था रखती हैं। हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति इस एफिडेविट का प्रारूप उपलब्ध कराएगी, ताकि इच्छुक श्रद्धालु आसानी से इसे भर सकें। यह व्यवस्था मंदिर परिसर में ही उपलब्ध रहेगी।
बोर्ड बैठक का निर्णय और शपथ पत्र का महत्व
हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में तय किया गया कि अब धामों में आने वाले गैर–सनातनी श्रद्धालुओं को प्रवेश देने से पहले उनकी आस्था की पुष्टि करना अनिवार्य होगा। इस शपथ पत्र की व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के अनुसार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बना रहे।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि शपथ पत्र भरने से मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की जानकारी मिल जाएगी और वे सुनिश्चित कर पाएंगे कि मंदिर के अंदर धार्मिक मर्यादाओं का पालन हो। इस निर्णय को लेकर समिति ने यह भी कहा कि धर्म की भावना का सम्मान करते हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था सरल और पारदर्शी होगी।
नियमों का असर और आने वाले समय में बदलाव
इस नए नियम के लागू होने से श्रद्धालुओं में उत्सुकता और हल्की चिंता दोनों देखने को मिल रही हैं। कुछ श्रद्धालु इसे उचित कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इसे और सरल बनाया जाना चाहिए। नियम का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था का सम्मान करना और मंदिर परिसर की मर्यादा बनाए रखना है।
सारा अली खान जैसे सेलिब्रिटी के उदाहरण से यह स्पष्ट होता है कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होंगे। आने वाले समय में, मंदिर समिति की तरफ से संभवतः और भी निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि श्रद्धालु बिना किसी दिक्कत के दर्शन कर सकें। यह कदम धार्मिक संस्थाओं में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
