अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और गबन के मामले को लेकर अब बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अंसारी ने कहा कि राम मंदिर केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे स्थान पर चोरी जैसी खबर सामने आना सभी श्रद्धालुओं के लिए चिंता और पीड़ा का विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘आस्था से जुड़ी चीजों का सम्मान सबसे जरूरी’
इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि इस मामले में केवल धन की बात नहीं है, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुओं का भी विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि भगवान के श्रृंगार और चरण पादुका जैसी पूजनीय वस्तुओं का सम्मान हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि धन का नुकसान किसी न किसी तरह पूरा हो सकता है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों का महत्व अलग होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएंगी और यदि मंदिर से जुड़ी कोई वस्तु गायब हुई है तो उसे जल्द से जल्द बरामद किया जाएगा। अंसारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन्हें रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
राम मंदिर को बताया देश की साझा आस्था का प्रतीक
अपने बयान में इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि राम मंदिर देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने याद दिलाया कि अदालत के फैसले के बाद उन्होंने भी सभी लोगों से शांति बनाए रखने और फैसले का सम्मान करने की अपील की थी। उनका कहना था कि मंदिर बनने से देश में सद्भाव और विकास का संदेश गया है और हर धर्म के लोगों को एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमान भी राम मंदिर का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को कोई ठेस न पहुंचे। अंसारी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने सरकार और जांच एजेंसियों से अपील की कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाने का काम किया है तो उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फिलहाल इस मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और कई लोगों से पूछताछ जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, इकबाल अंसारी के बयान ने इस पूरे मामले को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
