उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मीरजापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में की गई। STF की फील्ड यूनिट प्रयागराज ने आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, मौके से कुल 439 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कैसे छिपाई गई थी नशे की इतनी बड़ी खेप?
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने जिस वाहन की तलाशी ली, उसमें गांजे को बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था। तस्करों ने प्लास्टिक के खाली कैरेट के पीछे बोरियों में भरकर गांजा रखा हुआ था, ताकि किसी को शक न हो। STF ने मौके से एक टाटा डीसीएम कैंटर, एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि यह खेप उड़ीसा के रायगढ़ से लाई जा रही थी और इसे सोनभद्र के रास्ते मीरजापुर और फिर अन्य जिलों में पहुंचाया जाना था।
पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क, कई राज्यों से जुड़ा कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमरजीत यादव उर्फ पहलवान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्तमान में मध्य प्रदेश के गुना जिले में रह रहा था और एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के लिए काम करता था। उसके मुताबिक, यह गिरोह उड़ीसा से सस्ते दामों पर गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचता था। उसने यह भी बताया कि गाड़ी का मालिक प्रयागराज का रहने वाला अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरुजी है, जबकि इस सप्लाई में गाजीपुर के कुछ लोग भी शामिल हैं।
पुलिस की जांच तेज, पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
STF के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और कई राज्यों में फैला हुआ है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसे इस काम के बदले मुनाफे का हिस्सा और अलग से एक लाख रुपये मिलते थे। फिलहाल मड़िहान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुट गई है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
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