अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले की जांच के बीच अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। विशेष जांच दल (SIT) को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर निर्माण और स्वर्णालय निर्माण के नाम पर विभिन्न स्थानों से जुटाए गए चंदे, सोने और चांदी के संग्रह में कथित अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बड़ी मात्रा में प्राप्त दान और कीमती धातुओं को अधिकृत ट्रस्ट तक नहीं पहुंचाया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है। फिलहाल एसआईटी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
शिकायत में जांच और कार्रवाई की मांग
एसआईटी को भेजे गए शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि हजारों गांवों से राम मंदिर निर्माण के नाम पर सोना, चांदी और अन्य प्रकार का दान एकत्र किया गया, लेकिन उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत ट्रस्ट को नहीं सौंपा गया। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह शिकायत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत और अन्य सदस्यों को संबोधित की गई है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने स्वयं एसआईटी से मिलकर पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह भी किया है। हालांकि अभी तक जांच एजेंसी की ओर से इस शिकायत पर कोई अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।
पहले से चल रही है चढ़ावा गबन मामले की जांच
दूसरी ओर राम मंदिर में श्रद्धालुओं के नकद दान और अन्य कीमती वस्तुओं से जुड़े कथित गबन मामले की जांच पहले से जारी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मंदिर में प्राप्त नकद दान और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की गिनती और संबंधित प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में शामिल थे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों में कुछ बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्हें दान की गणना का दायित्व सौंपा गया था। जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
एसआईटी की जांच पर टिकी सभी की नजर
राम मंदिर से जुड़े दोनों मामलों को लेकर एसआईटी लगातार जांच में जुटी हुई है। जांच एजेंसी का दावा है कि अब तक कथित गबन मामले में लगभग 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। इसी आधार पर पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी और आगे की कार्रवाई शुरू हुई। सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही राज्य सरकार को सौंप दी है। अब नई शिकायत मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सभी की नजर एसआईटी की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर बनी हुई है।
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