राजस्थान के अलवर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले भाजपा सरकार के लिए मुश्किल बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठ गए। मामला साल 2012 की सफाईकर्मी भर्ती से जुड़े 69 अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं देने का है। मंत्री ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात नहीं सुनी जा रही है तो आम लोगों की सुनवाई कैसे होगी।
2012 की भर्ती से जुड़ा है पूरा मामला
मंत्री संजय शर्मा का कहना है कि 2012 की सफाईकर्मी भर्ती में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उनके अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मामले को नगर निगम आयुक्त, जिला कलेक्टर, डीएलबी, संबंधित विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया है। कई महीनों तक बातचीत और प्रक्रिया के बाद 69 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया फिर रोक दी गई।
अधिकारियों से नाराज मंत्री खुद धरने पर बैठे
मंत्री के मुताबिक, जब उन्हें पता चला कि सफाईकर्मियों को नियुक्ति पत्र देने से दोबारा इनकार कर दिया गया है तो वह खुद नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों के साथ धरना शुरू कर दिया। संजय शर्मा ने कहा कि जब तक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलते, तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे। उन्होंने अधिकारियों के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। मंत्री का कहना है कि उन्होंने कई स्तर पर इस समस्या को हल कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
जिला कलेक्टर के रवैये पर भी उठाए सवाल
संजय शर्मा ने अलवर की जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के रवैये पर भी सवाल उठाए। मंत्री का आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में बात की थी, लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि सफाईकर्मियों की नियुक्ति का रास्ता निकले, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। मंत्री के अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठने से अब यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 16 अगस्त को अलवर दौरा प्रस्तावित है।
कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस लगातार प्रदेश में अफसरशाही के बढ़ते प्रभाव का मुद्दा उठाती रही है। उनके मुताबिक, अब सरकार के एक मंत्री का अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठना इसी स्थिति को दिखाता है। जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले पर जवाब मांगा। इस पूरे विवाद ने सरकार में मंत्री और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि 69 सफाईकर्मियों की नियुक्ति का मामला कब तक सुलझता है।
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