Basti News: बस्ती जिले में रिश्वत मांगने के आरोप में एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। दरोगा सुरेंद्र यादव पर जमीन विवाद से जुड़े मुकदमे की जांच के दौरान एक पक्ष से पैसे मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत और सोशल मीडिया पर कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच में पीड़ित के आरोप सही साबित होंगे?
विवेचना के नाम पर पांच महीने तक परेशान करने का आरोप
मामला बस्ती जिले में जमीन विवाद से जुड़े एक मुकदमे की जांच का बताया जा रहा है। पीड़ित अब्दुल मन्नान ने पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को शिकायती पत्र देकर विवेचक दरोगा सुरेंद्र यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मन्नान का आरोप है कि मुकदमे से जुड़े जरूरी साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने के बावजूद दरोगा उनसे लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। पीड़ित के मुताबिक, करीब पांच महीने तक उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि दरोगा ने 50 हजार रुपये मांगे और पैसे देने से इनकार करने पर विवेचना प्रभावित करने तथा जेल भेजने की धमकी दी। इससे परेशान होकर मन्नान ने एसपी से शिकायत की और अपनी सुरक्षा की मांग भी रखी।
कथित रिश्वत लेते वीडियो वायरल, फोन पर भी मांगा गया पक्ष
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर दरोगा सुरेंद्र यादव का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला पुलिस विभाग के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया। आरोपों को लेकर दरोगा का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया। हालांकि, सवाल पूछे जाने पर वह कथित तौर पर नाराज हो गए और फोन काट दिया। वायरल वीडियो और पीड़ित की शिकायत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसपी ने किया निलंबित, अब निष्पक्ष जांच का इंतजार
शिकायत और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बस्ती के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने दरोगा सुरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी के मुताबिक, दो पक्षों के विवाद से जुड़े मामले में दरोगा पर एक पक्ष से रिश्वत लेने का आरोप सामने आया था, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया गया है और अब अब्दुल मन्नान के मामले की भी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। फिलहाल निलंबन की कार्रवाई के बाद पीड़ित को आगे की जांच से न्याय मिलने की उम्मीद है। वहीं, पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
