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एक करोड़ की मांग, हाथ की नस काटने की धमकी… थानेदार के लिए हनीट्रैप कैसे बना मौत का जाल?

थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह कथित तौर पर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में कैसे फंसे? जानें महिला से मुलाकात, निजी संबंध और 1 करोड़ रुपये की डिमांड तक पहुंची पूरी कहानी।

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Basti Honeytrap Case: बस्ती में थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले की जांच में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह की मुलाकात प्रियंका चौधरी से उसके एक मुकदमे के सिलसिले में हुई थी। प्रियंका ने अपने पति के खिलाफ वाल्टरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे मुलाकातें होने लगीं। पुलिस का दावा है कि बाद में दोनों के बीच निजी संबंध बन गए। यहीं से सूर्य प्रकाश सिंह कथित तौर पर ऐसे जाल में फंस गए, जिसका अगला कदम ब्लैकमेलिंग था।

रिश्ता बना ब्लैकमेलिंग का हथियार

पुलिस के अनुसार, प्रियंका ने सूर्य प्रकाश सिंह के साथ निजी पलों को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया। इसके बाद उनसे बड़ी रकम की मांग शुरू हुई। मामला बढ़ते-बढ़ते एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आरोप है कि रकम नहीं देने पर प्रियंका उन्हें अलग-अलग तरीकों से दबाव में डालती थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि महिला कथित तौर पर दूसरे लोगों को भी इसी तरह अपने संपर्क में लाती थी। बातचीत, वीडियो कॉल और चैटिंग के जरिए नजदीकी बढ़ाने के बाद कथित तौर पर निजी सामग्री का इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए किया जाता था।

अकेले नहीं था कथित नेटवर्क, पिता और वकील की भी भूमिका

जांच में पुलिस ने प्रियंका के अलावा उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश को भी आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि वकील कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग से जुड़ी रकम की वसूली में भूमिका निभाता था। जांच में तीन अन्य लोगों से करीब 24 लाख रुपये वसूले जाने की बात भी सामने आई है। इनमें एक डॉक्टर के शामिल होने का दावा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क ने कितने लोगों को निशाना बनाया और उनसे कितनी रकम वसूली गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

सुसाइड से पहले लगाया था WhatsApp स्टेटस

सूर्य प्रकाश सिंह 18 अप्रैल 2026 को वाल्टरगंज थाने के प्रभारी बनाए गए थे। 29 अगस्त को वह बस्ती स्थित अपने सरकारी आवास में फंदे से लटके मिले थे। पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले उन्होंने WhatsApp पर एक स्टेटस लगाया था, जिसमें शांति और प्रेम को धन-संपत्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया था। घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:41 बजे उनकी कथित तौर पर आरोपी वकील से फोन पर बातचीत भी हुई थी। पुलिस का दावा है कि इसी बातचीत में एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी। रकम का इंतजाम नहीं कर पाने के दबाव में सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

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