हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय हमारे पूर्वजों को याद करने, उनका आभार जताने और उनकी आत्मा की शांति के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पितर प्रसन्न होते हैं, तो घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और पितृ दोष जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। हालांकि, इन अनुष्ठानों का पूरा फल तभी प्राप्त होता है जब आपका घर अंदर से पूरी तरह साफ और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो।
घर में रखी नकारात्मक चीजें रोक देती हैं तरक्की के रास्ते
वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर की गहन साफ-सफाई करना बेहद जरूरी होता है। जिस घर में कबाड़, गंदगी या टूटी-फूटी बेकार चीजें लंबे समय तक पड़ी रहती हैं, वहां नकारात्मक ऊर्जा यानी नेगेटिविटी तेजी से पनपने लगती है। ऐसी ऊर्जा परिवार के सदस्यों की तरक्की में बड़ी रुकावटें पैदा करती है और बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि पितृ पक्ष के पवित्र दिनों के आरंभ होने से पहले आप अपने आशियाने के चप्पे-चप्पे को टटोलकर फालतू और बेकार सामान को तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दें।
मंदिर की टूटी मूर्तियां और बंद घड़ियां बन सकती हैं दुर्भाग्य का कारण
वास्तु के नियमों के मुताबिक, घर के पूजा घर में कभी भी खंडित या टूटी हुई मूर्तियां और फटी हुई तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए। ऐसी मूर्तियों की पूजा करने से अशुभ फल मिलता है और घर-परिवार में कलह-क्लेश बढ़ने की आशंका रहती है। अगर आपके मंदिर में भी ऐसी कोई मूर्ति या तस्वीर है, तो पितृ पक्ष से पहले उसे आदर सहित किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। इसके अलावा, घर की दीवार पर टंगी बंद पड़ी घड़ी भी दुर्भाग्य की निशानी मानी जाती है। घड़ी को इंसान के अच्छे वक्त और रफ्तार का प्रतीक माना गया है, इसलिए खराब या बंद घड़ी को या तो तुरंत ठीक करवा लें या घर से हटा दें ताकि आर्थिक मोर्चे पर रुकावटें न आएं।
टूटे बर्तन और फटे जूते-चप्पल लाते हैं कंगाली
रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले चटके या टूटे हुए बर्तन भी घर की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर डालते हैं। ऐसी मान्यता है कि टूटे बर्तनों में भोजन पकाने या खाने से घर में दरिद्रता और कंगाली पैर पसारने लगती है। इसके साथ ही, घर के मुख्य द्वार या किसी कोने में बेतरतीब पड़े पुराने और फटे हुए जूते-चप्पलों को भी तुरंत हटा देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बेकार पड़े फटे जूते-चप्पल शनि के अशुभ प्रभाव को बढ़ाते हैं, जिससे जीवन के हर क्षेत्र में बेवजह की बाधाएं और परेशानियां आने लगती हैं।
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