लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर मायावती ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। बसपा प्रमुख के ताजा बयान के मुताबिक, आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। वहीं आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईशान को संगठन में मौका दिया जाएगा, लेकिन अगर भविष्य में वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 12 सितंबर को मायावती ने दोनों भतीजों आकाश और ईशान को पार्टी में राजनीतिक पद न देने की बात कही थी और दीपिका को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई थी। अब उनके ताजा रुख से पार्टी के भीतर परिवार से जुड़े समीकरण फिर बदलते दिखाई दे रहे हैं।
कांशीराम और बाबा साहेब के उदाहरण से समझाया फैसला
मायावती ने अपने 10 बिंदुओं वाले एक्स पोस्ट में कहा कि राजनीति में काम करने वाले लोगों को रिश्तों और पारिवारिक मोह से ऊपर उठकर संगठन और समाज के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने नजदीकी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी। मायावती ने कहा कि वह भी कांशीराम के सिद्धांतों से प्रभावित रही हैं और बहुजन समाज के हित को प्राथमिकता देती हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का भी जिक्र किया। मायावती के अनुसार, इस पत्र में बाबा साहेब ने अपने बेटे यशवंत आंबेडकर को सार्वजनिक संपत्ति और जिम्मेदारी से जुड़े मामलों में नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी। मायावती ने इन उदाहरणों के जरिए परिवार और संगठन के बीच अंतर बनाए रखने की अपनी सोच को सामने रखा।
आकाश आनंद को लेकर मायावती ने क्या कहा?
मायावती के अनुसार, आनंद कुमार के आग्रह पर आकाश आनंद को राजनीति में आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद आकाश का व्यवहार और उनकी कुछ गतिविधियां पार्टी के हित में नहीं रहीं। मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में होने का भी आरोप लगाया है। इसी विवाद के बीच सितंबर में आकाश आनंद को पहले संगठन की अहम जिम्मेदारी से हटाया गया और बाद में पार्टी से अलग कर दिया गया। 10 सितंबर को मायावती ने आकाश को पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की थी। इसके बाद आकाश की वापसी को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुईं, लेकिन मायावती ने अपने हालिया बयानों में उनके लिए पार्टी में दोबारा जिम्मेदारी की संभावना को खारिज किया है।
दीपिका के बाद अब ईशान पर भरोसा, 23 सितंबर को बैठक
मायावती ने कहा है कि आनंद कुमार के परिवार से अब ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ईशान को लेकर कोई स्थायी छूट नहीं होगी। यदि वह पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल पाए गए तो उन्हें भी बाहर किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को संगठन में जिम्मेदारी देने के बजाय पार्टी के किसी दलित, मिशनरी और निष्ठावान कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने की बात मायावती ने कही है। इस बीच 23 सितंबर को लखनऊ में बसपा की ऑल इंडिया बैठक होने वाली है। यह एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होगी। ऐसे में इस बैठक में संगठन और आगे की रणनीति को लेकर होने वाली चर्चा पर भी नजर रहेगी।
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