प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और एक बुजुर्ग महिला के अपमान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की मौजूदगी में PM मोदी की नकल उतारी गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से राजनीतिक पारा बेहद गर्म हो चुका है। सत्ताधारी दल के तमाम बड़े नेताओं ने इस घटना को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक संस्कारों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं और इसे देश की संस्कृति के खिलाफ बताया है।
कांग्रेस पार्टी बनी ‘जोकरों का अड्डा’: किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस वायरल वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि कांग्रेस पार्टी अब देश की एक राजनीतिक पार्टी की बजाय कॉमेडियन और जोकरों का समूह बनकर रह गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसी नकारात्मक सोच और हरकतों की वजह से कांग्रेस आज जनता के बीच से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक तरफ देश प्रधानमंत्री मोदी को पूरा सम्मान और अपनापन देता है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस मंचों पर बुजुर्ग मां का मजाक उड़ाने का शर्मनाक काम करती है।
स्मृति ईरानी और प्रल्हाद जोशी का तीखा वार
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संस्कृत की प्रसिद्ध कहावत साझा करते हुए लिखा कि जब बुरा वक्त आता है, तो इंसान की विवेक बुद्धि सबसे पहले समाप्त हो जाती है। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस तरह के मंचों से देश के प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का अपमान किया जाना बेहद निंदनीय है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और दिल्ली की नेता रेखा गुप्ता ने भी इस घटना को मानसिक दिवालियापन करार दिया। नेताओं का कहना है कि राजनीति में वैचारिक मतभेद और तीखी बयानबाजी समझी जा सकती है, लेकिन किसी की मां का उपहास उड़ाना भारतीय समाज कभी भी स्वीकार नहीं कर सकता है।
‘सरनेम चुराया जा सकता है, संस्कार नहीं’: गजेंद्र शेखावत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कड़े शब्दों में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई व्यक्ति किसी का उपनाम या सरनेम तो चोरी कर सकता है, लेकिन अच्छे संस्कार कभी चुराए नहीं जा सकते। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी को विपक्ष का नेता मानने से इनकार करते हुए उन्हें सीधे तौर पर सोशल मीडिया के ‘ट्रोल्स का नेता’ करार दिया। बीजेपी नेताओं का स्पष्ट तौर पर यह मानना है कि कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक विफलताओं के चलते इस तरह के ओछे हथकंडों और स्तरहीन हरकतों पर उतर आई है, जिसका जवाब देश की जनता आने वाले समय में पूरी ताकत से देगी।
Read more-लालबाग गणपति पंडाल के पास आधी रात में मचा हड़कंप, 8 साल की बच्ची समेत दो की मौत; 4 घायल
