मुंबई के लालबाग इलाके में गणपति उत्सव के बीच शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। कालाचौकी के दत्ताराम लाड मार्ग पर गणपति पंडाल के नजदीक अचानक करंट की चपेट में आने से आठ साल की बच्ची समेत दो लोगों की जान चली गई। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। घटना करीब रात 2 बजकर 20 मिनट की बताई जा रही है। उस वक्त गणपति उत्सव के चलते इलाके में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ मौजूद थी। करंट लगने की घटना के बाद वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
अलग-अलग अस्पतालों में कराया गया घायलों का इलाज
हादसे के बाद घायलों को मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक पांच घायलों को भायखला स्थित मसीना अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि अन्य घायलों को परेल के ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मसीना अस्पताल में डॉक्टरों ने आठ वर्षीय राघनी घनश्याम यादव को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं 19 वर्षीय किरण अकबर नाइक, 19 वर्षीय तन्वी नरश हांडे, 19 वर्षीय साहिल संदीप तारे और 12 वर्षीय रूही सिंह का इलाज किया जा रहा है। उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बाद अधिकारियों ने दूसरी मौत की भी पुष्टि की। ग्लोबल अस्पताल में भर्ती एक महिला ने भी दम तोड़ दिया, हालांकि उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई।
परिजन ने बताई हादसे से पहले की पूरी कहानी
मृत बच्ची के परिवार की रिश्तेदार किस्मती यादव ने बताया कि परिवार रात करीब दो बजे वहां पहुंचा था। इलाके में भारी भीड़ देखकर उन्होंने गणपति दर्शन के लिए आगे जाने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया। परिवार एक किनारे वाले रास्ते से घर जाने की कोशिश कर रहा था। पंडाल के बाहर एक दुकान के पास वे कुछ देर के लिए इसलिए रुक गए ताकि भीड़ कम हो सके। परिजन के मुताबिक, पंडाल के आसपास बिजली की लाइटें लगी थीं और इसी इलाके में हादसा हुआ। परिवार ने आयोजन स्थल पर बिजली से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में लोगों की सुरक्षा के लिए बिजली की व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए थी।
हादसे ने गणपति उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
लालबाग गणपति उत्सव में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में बिजली की सजावट, तारों की व्यवस्था और भीड़ के आवागमन वाले रास्तों की सुरक्षा बेहद अहम होती है। इस घटना के बाद आयोजन स्थल की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि करंट फैलने की वजह क्या थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल इस घटना ने गणपति उत्सव के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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