भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। दुकानों, पेट्रोल पंपों और छोटे कारोबारियों के यहां भी लोग UPI से भुगतान करते हैं। ऐसे में कई बार दुकानदार ग्राहकों से UPI पेमेंट के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांग लेते हैं। अगर किसी सामान की कीमत 500 रुपये है और दुकानदार डिजिटल भुगतान करने पर उससे ज्यादा राशि मांगता है, तो ग्राहक को पहले बिल और चार्ज की जानकारी स्पष्ट रूप से पूछनी चाहिए। सामान्य तौर पर व्यापारी की पेमेंट संबंधी लागत ग्राहक से अलग से वसूलने का मुद्दा बन सकती है। किसी भी अतिरिक्त शुल्क को बिना जानकारी दिए बिल में जोड़ना उचित नहीं माना जाता। ग्राहक को भुगतान से पहले कुल राशि की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
अतिरिक्त पैसे मांगे तो पेमेंट रोक सकते हैं
अगर दुकानदार UPI से भुगतान स्वीकार करने के लिए अलग से रकम मांगता है, तो ग्राहक उससे चार्ज का कारण और लिखित बिल मांग सकता है। उदाहरण के लिए, 500 रुपये के सामान के लिए केवल UPI इस्तेमाल करने पर 5 या 10 रुपये अतिरिक्त मांगना विवाद का विषय हो सकता है। ऐसी स्थिति में ग्राहक चाहे तो भुगतान पूरा न करने और दूसरे विक्रेता से सामान लेने का विकल्प चुन सकता है। यदि दुकानदार जबरदस्ती अतिरिक्त रकम वसूलता है, तो ग्राहक बिल, पेमेंट स्क्रीन और बातचीत से जुड़े सबूत सुरक्षित रखे। किसी भी विवाद के दौरान बहस या झगड़े से बचते हुए संबंधित शिकायत मंच का इस्तेमाल करना बेहतर है।
NPCI और UPI ऐप पर दर्ज करें शिकायत
UPI ट्रांजैक्शन से जुड़ी शिकायत ग्राहक NPCI के शिकायत तंत्र या अपने बैंक के माध्यम से दर्ज कर सकता है। शिकायत करते समय पेमेंट की तारीख, राशि, ट्रांजैक्शन आईडी, दुकानदार का नाम और समस्या का पूरा विवरण देना जरूरी हो सकता है। ग्राहक अपने UPI ऐप की पेमेंट हिस्ट्री में जाकर संबंधित ट्रांजैक्शन खोल सकता है। वहां Help, Support या Dispute जैसे विकल्प मिल सकते हैं। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप पर उपलब्ध सहायता सुविधा के जरिए भी समस्या दर्ज की जा सकती है। शिकायत करने से पहले ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखना उपयोगी रहेगा।
बिल में चार्ज जुड़ा हो तो उपभोक्ता हेल्पलाइन
यदि दुकानदार ने बिल में UPI के नाम पर अतिरिक्त राशि जोड़ दी है और उसे हटाने से इनकार कर रहा है, तो ग्राहक नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन में शिकायत कर सकता है। इसके लिए 1915 पर संपर्क किया जा सकता है या आधिकारिक ऑनलाइन शिकायत माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है। शिकायत के साथ बिल, भुगतान की रसीद, स्क्रीनशॉट और दुकानदार की ओर से लगाए गए अतिरिक्त शुल्क का विवरण देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ग्राहक अपने बैंक से भी संपर्क कर सकता है। ध्यान रखें कि UPI पेमेंट से जुड़ी हर समस्या एक जैसी नहीं होती, इसलिए शिकायत में सही श्रेणी और पूरी जानकारी दर्ज करना जरूरी है।
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