मुंबई में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) का अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को CINTAA ऑफिस में कागजात और फाइलों को लेकर कई कलाकारों के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। इस दौरान पूनम ढिल्लों, उपासना सिंह, पद्मिनी कोल्हापुरे और कुनिका सदानंद समेत कई कलाकार मौजूद थे। घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आए हैं। विवाद की शुरुआत उन आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है, जिनमें CINTAA के कुछ आधिकारिक दस्तावेजों और फाइलों को पूनम ढिल्लों की गाड़ी में ले जाने की बात कही गई थी।
पद्मिनी कोल्हापुरे ने उठाया डेटा चोरी का मुद्दा
मामले के दौरान कुछ सदस्य पद्मिनी कोल्हापुरे से दस्तावेजों को लेकर सवाल करते दिखाई दिए। इसी बीच समिति को भंग करने से जुड़े पत्र का जिक्र भी सामने आया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सभी कलाकारों को शांत रहने की सलाह दी और साफ कहा कि पुलिस इस विवाद में किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं कर रही है। पद्मिनी कोल्हापुरे ने इस दौरान कथित तौर पर अपना डेटा चोरी किए जाने का आरोप भी लगाया। वहीं पूनम ढिल्लों ने पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए CINTAA और CAWT के बीच प्रस्तावित MOU का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर AGM में चर्चा हुई थी और संगठन की ओर से वेलफेयर ट्रस्ट की मदद करने की कोशिश की गई थी।
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गाड़ी की तलाशी को लेकर भी आमने-सामने आए कलाकार
विवाद के दौरान एक और वीडियो सामने आया, जिसमें पूनम ढिल्लों अपनी गाड़ी की तलाशी लिए जाने पर सवाल उठाती नजर आईं। बताया जा रहा है कि इस वीडियो को कुनिका सदानंद ने रिकॉर्ड किया था। दोनों के बीच इस दौरान बहस भी हुई। मामला बिगड़ता देखकर पुलिस ने कलाकारों को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस ने कहा कि सभी को एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए और सार्वजनिक जगह पर इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है। उपासना सिंह ने कथित तौर पर उन दस्तावेजों को वापस मंगाने की बात कही, जिन्हें पहले भेजे जाने का दावा किया जा रहा था। पुलिस ने जवाब दिया कि दस्तावेज वापस मंगाना उसका काम नहीं है और अगर कागजात से कोई छेड़छाड़ हुई है तो संबंधित विभाग इस मामले में कार्रवाई कर सकता है।
CINTAA में पहले से चल रहा है कमेटी को लेकर विवाद
दरअसल, CINTAA में पिछले कुछ समय से संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद चल रहा है। अगस्त में निर्वाचित कमेटी के 8 सदस्यों समेत कुल 11 लोगों के इस्तीफे की बात सामने आई थी। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने संगठन के फैसलों और काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि महत्वपूर्ण फैसले सामूहिक सहमति से नहीं लिए जा रहे और सदस्यों से पर्याप्त सलाह नहीं की जा रही। वहीं उपासना सिंह ने दावा किया था कि निर्वाचित कमेटी के 50 प्रतिशत सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद कमेटी भंग हो गई। पूनम ढिल्लों ने इस दावे पर आपत्ति जताई थी। इसी पुराने विवाद के बीच अब ऑफिस में दस्तावेजों को लेकर हुए हंगामे ने मामला और गरमा दिया है।
