राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में उस समय खास नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का गर्मजोशी से स्वागत किया। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग (Xi Jinping) से पीएम मोदी ने हाथ मिलाया और दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान नजर आई। दोनों की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और चीन के संबंधों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। सम्मेलन में पहुंचे वैश्विक नेताओं के स्वागत के दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग (Xi Jinping) के साथ कुछ समय बातचीत भी की। हालांकि, इस मुलाकात का सबसे दिलचस्प हिस्सा दोनों नेताओं के बीच हुई वह बातचीत रही, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की संस्कृति और स्थापत्य कला से जुड़ी एक खास जानकारी चीनी राष्ट्रपति को दी। इस दौरान कैमरे में कैद हुआ दोनों नेताओं का अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
पीछे दिख रहे रामेश्वरम मंदिर के आर्किटेक्चर पर हुई बात
शी जिनपिंग (Xi Jinping) के स्वागत के दौरान भारत मंडपम के बैकग्राउंड में तमिलनाडु के प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर के कॉरिडोर से जुड़ी वास्तुकला दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी को बातचीत का हिस्सा बनाया। उन्होंने शी जिनपिंग (Xi Jinping) को मंदिर के कॉरिडोर के आर्किटेक्चर के बारे में जानकारी दी। वीडियो में नजर आया कि चीन के राष्ट्रपति भी पीएम मोदी की बात को काफी ध्यान से सुन रहे थे। दोनों नेताओं के बीच हुई यह छोटी सी बातचीत भारत की संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन वास्तुकला की झलक दिखाती नजर आई। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी विदेशी नेताओं के साथ मुलाकात के दौरान भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी चीजों को बातचीत का हिस्सा बनाते रहे हैं। ऐसे में शी जिनपिंग (Xi Jinping) के साथ रामेश्वरम मंदिर की वास्तुकला का जिक्र भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
सात साल बाद भारत आए हैं चीन के राष्ट्रपति
शी जिनपिंग (Xi Jinping) दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं और उनके इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देकर चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया। भारत आने से पहले दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर बातचीत का दौर भी जारी रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हाल ही में बैठक हुई थी। अब पीएम मोदी और शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजर है। माना जा रहा है कि दोनों नेता सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ व्यापार और निवेश जैसे विषयों पर भी चर्चा कर सकते हैं। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की आमने-सामने की बातचीत काफी अहम हो सकती है।
ब्रिक्स में सहयोग बढ़ाने पर भारत का जोर
शी जिनपिंग (Xi Jinping) के भारत पहुंचने और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बीच विदेश मंत्रालय ने भी भारत की प्राथमिकता स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ अधिक संतुलित, प्रतिनिधित्वपूर्ण और बहुध्रुवीय दुनिया के निर्माण में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की मेजबानी में हो रहे सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में पीएम मोदी और शी जिनपिंग (Xi Jinping) की मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की सामान्य मुलाकात नहीं मानी जा रही है। एक तरफ जहां दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान रामेश्वरम मंदिर की वास्तुकला का जिक्र करके भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई। अब सबकी नजर दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक पर है, जहां अहम अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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