गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी को बड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई उनकी 18 दुकानों को रिलीज कर दिया है। बुधवार रात करीब 8 बजे मोहम्मदाबाद के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करते हुए दुकानों से जुड़े दस्तावेज मंसूर अंसारी को सौंप दिए। इसके साथ ही दुकानों की चाबियां भी वापस कर दी गईं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मंसूर अंसारी को लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद में राहत मिली है। उन्होंने दुकानों के रिलीज होने पर खुशी जताई और मौजूदा जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के काम की सराहना की।
2023 में हुई थी दुकानों की कुर्की
मंसूर अंसारी की ये 18 दुकानें गाजीपुर के मोहम्मदाबाद इलाके में स्थित हैं। साल 2023 में जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए इन संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मंसूर अंसारी ने कुर्की के आदेश को चुनौती देने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने पहले गाजीपुर की अदालत का रुख किया और बाद में मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। उनका पक्ष था कि जिन संपत्तियों को प्रशासन ने कुर्क किया है, उन्हें किसी अवैध गतिविधि से अर्जित धन से नहीं बनाया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड रखे गए।
हाईकोर्ट ने रद्द किया था कुर्की का आदेश
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में अहम आदेश दिया था। कोर्ट ने गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से जारी कुर्की के आदेश को रद्द कर दिया था। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्तियों को रिलीज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद माना कि इन दुकानों को अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति से बनाए जाने की बात साबित नहीं होती। इसी आधार पर कुर्की की कार्रवाई को सही नहीं माना गया और संपत्तियों को वापस करने का आदेश दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद मंसूर अंसारी ने प्रशासन से दुकानों को रिलीज करने की मांग की थी।
लंबे इंतजार के बाद प्रशासन ने सौंपी चाबियां
हाईकोर्ट का आदेश आने के बावजूद दुकानों की रिलीज की प्रक्रिया में देरी हुई। मंसूर अंसारी ने अदालत के आदेश की प्रति लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मुलाकात भी की थी, लेकिन उस समय संपत्तियां रिलीज नहीं हो सकीं। अब जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर कार्रवाई पूरी कर दी है। बुधवार रात तहसीलदार मोहम्मदाबाद ने मौके पर पहुंचकर दुकानों से जुड़े कागजात और चाबियां मंसूर अंसारी को सौंप दीं। इस तरह करीब तीन साल पहले कुर्क की गई 18 दुकानों पर उन्हें दोबारा अधिकार मिल गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद मंसूर अंसारी ने इसे न्यायालय के आदेश के पालन के तौर पर देखा है।
