पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही उठापटक के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। सबसे ज्यादा चर्चा उनके राजनीति से संन्यास लेने को लेकर रही। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि फिलहाल उनका राजनीति से दूर होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक वह बीजेपी को राजनीतिक रूप से पीछे नहीं धकेल देतीं, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी। ममता ने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन के कुछ ही महीनों में बंगाल की जनता को बीजेपी की असलियत समझ आने लगी है। उनके इस बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
लक्ष्मी भंडार और जनगणना पर सरकार को घेरा
फेसबुक लाइव के दौरान ममता बनर्जी ने महिलाओं से जुड़ी लक्ष्मी भंडार योजना को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के वितरण में देरी की जा रही है और पात्र लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश हो रही है। ममता ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनकी सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इसके अलावा उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। ममता ने आरोप लगाया कि इसके जरिए NRC को अप्रत्यक्ष रूप से लागू करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने लोगों से जनगणना के दौरान अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।
SIR और जादवपुर विवाद पर भी बोला हमला
ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी अपना विरोध दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इस मुद्दे को लेकर दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने ABVP और वामपंथी छात्रों के बीच हुई झड़पों को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कैंपस में तोड़फोड़ की घटनाएं कथित तौर पर योजना के तहत कराई गईं। हालांकि, ममता ने यह भी कहा कि जिन छात्रों की विचारधारा से वह सहमत नहीं हैं, उनके विचारों का भी वह सम्मान करती हैं। इस तरह फेसबुक लाइव में उन्होंने एक साथ राजनीतिक भविष्य, सरकारी योजनाओं और कई विवादित मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया।
