बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। मामला सामने आने के कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर संज्ञान लिया और अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश जारी कर दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बातचीत के बाद सामान्य प्रशासन विभाग को निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब BPSC की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 और 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े बदलावों को लेकर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक का बयान सामने आने के बाद छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए बयान से बढ़ा विवाद
BPSC ने सोमवार, 24 अगस्त को TRE-4 और अन्य परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें आयोग के सचिव हेमंत कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान TRE-4 के परीक्षा पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग और संभावित परीक्षा तारीखों से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए। इसी दौरान अभ्यर्थियों के विरोध को लेकर परीक्षा नियंत्रक की एक टिप्पणी चर्चा में आ गई। वायरल वीडियो में वह छात्रों के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाला मुहावरा बोलते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी को लेकर विरोध शुरू हो गया। इसी बीच मुख्यमंत्री की ओर से निलंबन का आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई।
कॉपी जांच और परीक्षा पैटर्न पर भी दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक ने कॉपी जांच को लेकर उठे सवालों पर भी जवाब दिया। तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की ओर से उत्तर पुस्तिका की जांच पर सवाल उठाए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि संबंधित अभ्यर्थी ने सातवें प्रश्न के दोनों हिस्सों का उत्तर नहीं दिया था, इसलिए उन सवालों के अंक नहीं दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन उत्तर की गुणवत्ता और दिए गए जवाब के आधार पर किया जाता है। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि यदि किसी अभ्यर्थी को मूल्यांकन को लेकर शिकायत है तो वह अदालत का रुख कर सकता है। आयोग ने TRE-4 में प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा कराने के फैसले पर भी स्थिति स्पष्ट की।
TRE-4 के दो चरणों की परीक्षा पर आयोग ने क्या कहा?
परीक्षा नियंत्रक ने TRE-4 में PT और Mains दोनों चरण रखे जाने को लेकर फैल रही चर्चाओं पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार ऐसा पहला राज्य नहीं है, जहां शिक्षक भर्ती परीक्षा दो चरणों में कराई जा रही है। उनके मुताबिक कई राज्यों में इस तरह की परीक्षा व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने NEET UG 2024 के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से दो चरणों में परीक्षा कराने की बात का भी उल्लेख किया। हालांकि, विवादित टिप्पणी वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
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