माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने एक करोड़ 20 लाख रुपये की कथित रंगदारी, मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़े मामले में उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। उमर फिलहाल लखनऊ जेल में बंद है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसके जेल से बाहर आने की उम्मीदों को झटका लगा है। इस मामले में अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों और केस की परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उसे फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया।
बिल्डर ने दर्ज कराई थी एफआईआर
मोहम्मद उमर के खिलाफ यह मामला अतीक अहमद के कथित फाइनेंसर और बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम की शिकायत पर दर्ज किया गया था। प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में 26 अप्रैल 2023 को एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायत में अली अहमद, मोहम्मद उमर, असाद कालिया, एहतेशाम करीम, अजय और मोहम्मद नसरत को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से एक करोड़ 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। इसके साथ ही मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए। इसी मामले में उमर ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत से उसे राहत नहीं मिली।
अतीक के परिवार को एक और झटका
उमर की जमानत अर्जी खारिज होना अतीक अहमद के परिवार के लिए एक और मुश्किल फैसला माना जा रहा है। अतीक के परिवार पर पहले से कई कानूनी मामले चल रहे हैं। अतीक अहमद और उसके परिवार से जुड़े लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। परिवार की कुछ संपत्तियां भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ चुकी हैं। वहीं, अतीक के एक बेटे की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे अमान की हाल ही में झांसी में सड़क हादसे में मौत की बात सामने आई है। ऐसे में उमर के जेल में बने रहने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फिलहाल हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद उमर की ओर से आगे क्या कानूनी कदम उठाया जाएगा, इस पर नजर रहेगी।
Read More-20 साल तक चला फिर अचानक क्यों बंद हुआ CID? ‘दया’ ने खोला वो राज, लता मंगेशकर भी थीं नाराज
