Chirag Paswan: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने महिला आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी पार्टी का उदाहरण दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए किसी कानून का इंतजार नहीं किया। चिराग पासवान (Chirag Paswan) के मुताबिक, उनकी पार्टी ने करीब 40 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया और उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दल महिलाओं की आवाज बनने का दावा करते हैं तो उन्हें खुद भी उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना चाहिए। चिराग पासवान (Chirag Paswan) का बयान ऐसे समय आया है, जब संसद में महिला आरक्षण लागू करने और परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि राजनीतिक दल चाहें तो मौजूदा व्यवस्था में भी महिलाओं को अधिक अवसर दे सकते हैं।
Gen Z को लेकर भी चिराग ने बताई अपनी रणनीति
चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बातचीत में युवा और Gen Z के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में बड़ी संख्या में युवा हैं और उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार युवाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा कि उनकी उम्र के कई नेता युवा चेहरों को मौका देने को लेकर असहज हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस सोच से अलग रास्ता अपनाया। उनके मुताबिक, जिन युवाओं को टिकट दिया गया, उनमें से कई ने चुनावी राजनीति में उनसे भी ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाई और काफी कुछ सीखा। चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा कि अगर भविष्य में उनकी पार्टी को देशभर में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलता है, तब प्रतिनिधित्व को लेकर उनसे बड़े स्तर पर सवाल किए जा सकते हैं। फिलहाल वह अपनी पार्टी के मौजूदा दायरे में युवा और महिला भागीदारी बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
परिवारवाद के सवाल पर बोले- अनुभव और युवाओं दोनों को जगह दी
इंटरव्यू में चिराग पासवान (Chirag Paswan) से उनकी पार्टी के सांसदों में राजनीतिक परिवारों से आने वाले चेहरों को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या सामान्य परिवार से आने वाले युवाओं के लिए ऐसे माहौल में टिकट हासिल करना मुश्किल नहीं है? इसके जवाब में चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा कि उनकी पार्टी ने अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को मौका देने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में अनुभव, युवाओं, महिलाओं, जातीय समीकरण और गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा गया। चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने दावा किया कि उनकी कोशिश पार्टी के भीतर अलग-अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की रही है। उनका कहना है कि आगे पार्टी का विस्तार होगा तो इसी सोच के साथ अधिक लोगों को राजनीतिक मंच देने की कोशिश की जाएगी।
