कर्नाटक सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने पेंशन पाने वालों के लिए तय सालाना आय की सीमा को बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया है। पहले यह सीमा सिर्फ 32 हजार रुपये सालाना थी। नए नियम से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिनकी आमदनी पहले तय सीमा से थोड़ी ज्यादा होने के कारण पेंशन का लाभ प्रभावित हो जाता था। हालांकि, यह बदलाव सभी लोगों के लिए पेंशन की गारंटी नहीं देता। लाभार्थी को संबंधित योजना की बाकी पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस बदलाव का फायदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत आने वाले पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। इसमें मुख्य रूप से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजन शामिल हैं। पहले इन योजनाओं के लिए सालाना आय की सीमा 32 हजार रुपये तक निर्धारित थी। इसका मतलब यह था कि अगर किसी लाभार्थी की आय इस सीमा से ऊपर चली जाती थी, तो वह पेंशन के लिए अपात्र हो सकता था। अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार रुपये कर दिया है। इससे कम आय वाले उन लोगों के लिए पेंशन का रास्ता खुला रह सकता है, जो पहले केवल आय सीमा के कारण योजना से बाहर हो जाते थे।
₹1.20 लाख कमाने वाला हर व्यक्ति पेंशन का हकदार नहीं
सरकार के इस फैसले को लेकर एक बात समझना जरूरी है। सालाना आय की सीमा बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि 1.20 लाख रुपये तक कमाने वाला हर व्यक्ति अपने आप पेंशन पाने लगेगा। संबंधित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में तय दूसरी सभी शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। इसके अलावा सरकारी स्तर पर लाभार्थी की पात्रता का सत्यापन भी किया जाएगा। यानी आय सीमा में बदलाव केवल एक पात्रता शर्त में राहत है, जबकि योजना के बाकी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। इसलिए आवेदन करने वाले लोगों को संबंधित योजना की पूरी पात्रता जांच लेना जरूरी होगा।
पुरानी आय सीमा से कई लोग हो रहे थे बाहर
कर्नाटक सरकार के नए फैसले से पहले 32 हजार रुपये सालाना की आय सीमा लागू थी। लंबे समय से इस सीमा में बदलाव नहीं होने के कारण ऐसे कई लोग भी पेंशन के दायरे से बाहर हो रहे थे, जिनकी आर्थिक स्थिति अभी भी कमजोर थी। अब सरकार ने आय सीमा में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 32 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये सालाना कर दिया है। ऐसे में यदि कोई पात्र बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग व्यक्ति 32 हजार रुपये से अधिक लेकिन 1.20 लाख रुपये तक सालाना आय रखता है, तो केवल आय सीमा बढ़ जाने के आधार पर उसे पेंशन से बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि अंतिम लाभ पात्रता और सरकारी सत्यापन के आधार पर ही मिलेगा।
