भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आखिरकार अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। नई टीम में कई पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। नई टीम में महिलाओं, युवाओं और अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश नजर आ रही है।
वसुंधरा राजे समेत इन्हें बनाया गया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
बीजेपी की नई टीम में वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा दर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराज, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों को साधने की कोशिश की है। खास बात यह है कि नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ ऐसे चेहरों को भी जगह दी गई है, जिनकी आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
स्मृति ईरानी समेत इन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई टीम में संगठन के स्तर पर भी महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी बरकरार रखी गई है। वहीं शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों में संगठन के अनुभवी नेताओं के साथ चुनावी रणनीति में माहिर माने जाने वाले नेताओं को भी अहम स्थान दिया गया है।
UP के नेताओं पर भी बीजेपी ने जताया भरोसा
बीजेपी की नई टीम में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को शामिल किया गया है। इसे राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश हमेशा से महत्वपूर्ण चुनावी राज्य रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में यूपी के नेताओं को जिम्मेदारी मिलने से राज्य की चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। नई टीम में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है, ताकि संगठन को आगामी चुनावों के लिए और मजबूत किया जा सके।
युवाओं और महिलाओं के साथ जातीय समीकरण पर भी फोकस
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में नियुक्तियों को केवल संगठनात्मक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पार्टी ने टीम तैयार करते समय युवा चेहरों, महिलाओं और जातीय-सामाजिक समीकरण को भी ध्यान में रखा है। आने वाले समय में कई राज्यों में चुनाव होने हैं, ऐसे में राष्ट्रीय संगठन की नई टीम के सामने पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। नितिन नवीन के नेतृत्व में अब यह टीम संगठन को किस दिशा में ले जाती है और आगामी चुनावों में इसका कितना असर दिखाई देता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।
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