बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के चौंकाने वाले नतीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन परिणामों पर बेहद तीखी और करारी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों को भगवान को नचाने का घमंड था, उन्हें अब जनता और भगवान ने खुद नचा दिया है। इस दोतरफा हार को उन्होंने बीजेपी की डबल इंजन सरकार की डबल हार करार दिया है और कहा कि यह बदलाव की एक बहुत बड़ी शुरुआत है।
बांकीपुर और दतिया में बीजेपी को बड़ा झटका
मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। वहीं दूसरी ओर, बिहार की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट पर पिछले 30 सालों का पुराना राजनीतिक रिकॉर्ड पूरी तरह से टूट गया। इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बाजी मारी और बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। इन दोनों सीटों पर मिली हार ने बीजेपी के भीतर अंदरखाने बड़ी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि ये सीटें पार्टी के लिहाज से बेहद सुरक्षित मानी जाती थीं।
अखिलेश यादव का तंज: ‘अब बीजेपी वाले ही मांगेंगे अपने किसी का इस्तीफा’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इन चुनावी नतीजों के बहाने बीजेपी की अंदरूनी कलह और नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो स्थिति ऐसी आ गई है कि खुद बीजेपी के लोग ही अपने किसी बड़े नेता या पदाधिकारी का इस्तीफा मांगेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग अपनी ही विधानसभा सीट तक नहीं बचा पाए और चुनाव हार गए, उनके भरोसे पार्टी की नैया कैसे पार लगेगी? अखिलेश यादव ने इसके साथ ही कटाक्ष करते हुए ब्रैकेट में लिखा कि असली लड्डू तो इस समय खुद भारतीय जनता पार्टी के अंदर ही बांटे जा रहे हैं, जिससे उनकी अंदरूनी खुशी साफ जाहिर होती है।
भ्रष्टाचार, पेपर लीक और महंगाई पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने केवल चुनावी हार तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि बीजेपी सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासनकाल में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं, वोट चोरी के मामले सामने आए हैं, मंदिरों में दान की चोरी हो रही है और भ्रष्टाचार तथा महंगाई चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने इन सभी हथकंडों का इस्तेमाल करके आम जनता के भरोसे, विश्वास और उनकी आस्था तक को ठगने का काम किया है। जनता ने अब इन सभी बातों का हिसाब उपचुनावों में अपने वोटों के जरिए चुकता कर दिया है।
यूपी की सियासत पर कटाक्ष और भविष्य की चेतावनी
बिहार और मध्य प्रदेश के इन उपचुनाव परिणामों का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अखिलेश यादव ने यूपी के सियासी समीकरणों पर तंज कसते हुए कहा कि सबसे ज्यादा खुशी उत्तर प्रदेश में उन लोगों को हो रही है, जिन्हें पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज से होने के बावजूद जानबूझकर राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं दिया गया और केवल राज्य स्तर तक सीमित रखा गया। आज वे लोग भी मुस्कुराते हुए यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या ‘पांच बड़ा है या सात’। उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में बीजेपी के लिए हालात इतने मुश्किल हो जाएंगे कि उन्हें टिकट देने वाला कोई उम्मीदवार दूरबीन और ड्रोन से भी ढूंढने पर नहीं मिलेगा।
