हरियाणा के पानीपत जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। सोमवार (3 अगस्त) की सुबह शिव नगर इलाके में एक नवजात शिशु को बेरहमी से प्लास्टिक के कट्टे (बोरी) में बंद करके सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर फेंक दिया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते एक सतर्क महिला की नजर उस पर पड़ गई, जिससे मासूम की जान बच गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और हैरानी का माहौल है, और लोग नवजात को इस तरह लावारिस छोड़ने वाले के बारे में जानकर सन्न रह गए हैं।
कट्टे की हलचल से खुला राज, समय पर बची मासूम की जान
शिव नगर की गली नंबर-5 में रहने वाले यार्न कारोबारी अक्षय जिंदल के घर के बाहर यह पूरी घटना सामने आई। सोमवार सुबह करीब 6 बजे अक्षय की माता सुधा जिंदल अपने घर के बाहर साफ-सफाई कर रही थीं। तभी उनकी नजर पड़ोस के एक मकान के बाहर पड़े प्लास्टिक के कट्टे पर पड़ी, जिसमें अचानक कुछ हलचल हुई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने तुरंत अपने बेटे और आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। जब सावधानी के साथ कट्टे की गांठ खोली गई, तो अंदर एक जीवित नवजात शिशु सुरक्षित मिल गया। ठंड और घुटन के बीच तड़प रहे इस बच्चे को देखकर वहां मौजूद हर शख्स का दिल पसीज गया।
गर्भनाल से जुड़ा था बच्चा, अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को कॉल किया और नवजात को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। बच्चे की शारीरिक स्थिति को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा था कि उसका जन्म महज दो से तीन घंटे पहले ही हुआ था, क्योंकि उसके पेट से गर्भनाल भी अलग नहीं की गई थी। इसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस विभाग की देखरेख में नवजात को तुरंत सिविल अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम की निगरानी में मासूम का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ी गई आरोपी मां, बयां की दर्दनाक दास्तान
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, जिसके आधार पर पुलिस ने नवजात को जन्म देने वाली उसकी मां को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने जो सच्चाई बताई, उसने सबको झकझोर कर रख दिया। मूल रूप से बिहार की रहने वाली इस महिला के पति की मौत पांच साल पहले हो चुकी है और उसकी पहले से चार बेटियां हैं। महिला ने बताया कि डेढ़ साल पहले एक रिश्तेदार उसे पानीपत लाया था, जिसके साथ उसके संबंध बन गए और वह गर्भवती हो गई। गर्भवती होने की भनक लगते ही वह रिश्तेदार उसे अकेला छोड़कर फरार हो गया। रविवार रात करीब 11 बजे जब उसकी चारों बेटियां छत पर सो रही थीं, तब महिला ने खुद अपनी डिलीवरी की। इसके बाद सोमवार तड़के करीब 5 बजे समाज और लोकलाज के डर से उसने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
