Homeदेशआखिर कौन है ताहिर हुसैन जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने मांगी फांसी...

आखिर कौन है ताहिर हुसैन जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने मांगी फांसी की सजा? AAP से रहा है कनेक्शन

अंकित शर्मा हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों के लिए अदालत से फांसी की सजा की मांग की है। जानिए सुनवाई के दौरान क्या दलीलें दी गईं और अब आगे क्या होगा।

-

Ankit Sharma Case:  दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में सोमवार को अदालत में सजा को लेकर अहम सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की। पुलिस ने अपनी दलील में कहा कि यह एक बेहद गंभीर और क्रूर अपराध था, इसलिए इसे सामान्य मामला नहीं माना जा सकता। अभियोजन पक्ष का कहना था कि दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त सजा दी जानी चाहिए, जिससे समाज में कानून का संदेश साफ जाए। फिलहाल अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है और अंतिम फैसला सुरक्षित रखा जा सकता है या बाद में सुनाया जा सकता है।

 पुलिस ने अपराध की गंभीरता पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या बेहद हिंसक परिस्थितियों में हुई थी। पुलिस ने दलील दी कि दोषियों ने कानून और इंसानियत दोनों की सीमाएं पार कीं, इसलिए इस मामले में सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष ने इसे “दुर्लभ से दुर्लभतम” श्रेणी का मामला बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से गलत संदेश जाएगा। वहीं बचाव पक्ष ने अदालत से दोषियों की परिस्थितियों और अन्य कानूनी पहलुओं को भी ध्यान में रखने की अपील की।

2020 की हिंसा से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। लंबी जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने हाल ही में ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। ताहिर हुसैन आम आदमी के पार्षद रह चुके हैं। अब अदालत को यह तय करना है कि दोषियों को कौन-सी सजा दी जाए। इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक है।

अब अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार

सजा को लेकर दोनों पक्षों ने अदालत के सामने अपने-अपने तर्क रख दिए हैं। अब अंतिम फैसला अदालत को करना है। अगर अदालत अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमत होती है, तो दोषियों को कड़ी सजा मिल सकती है। वहीं यदि अदालत बचाव पक्ष के तर्कों को भी महत्व देती है, तो सजा का स्वरूप अलग हो सकता है। फिलहाल इस मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है। अदालत का फैसला आने के बाद ही यह साफ होगा कि दोषियों को मौत की सजा मिलेगी या कोई दूसरी सजा सुनाई जाएगी।

Read More-इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, हंगामे के बीच संसद परिसर से बिना जवाब दिए निकले

 

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts