उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी देकर विकास और जनकल्याण से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में कुल 16 अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर रही। इसके अलावा महिलाओं के लिए छात्रावास, इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, नए एक्सप्रेसवे और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। वहीं, इन प्रस्तावों को आगामी विधानसभा मानसून सत्र से पहले सरकार के बड़े फैसलों के रूप में देखा जा रहा है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से मेधावी छात्राओं को मिलेगा बड़ा लाभ
कैबिनेट बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का लाभ राज्य के सरकारी, निजी, संबद्ध और स्ववित्तपोषित कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक स्तर पर प्रत्येक संस्थान की टॉप-5 छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। इसके साथ ही जिन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी, उनके लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क और वाहन बीमा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इतना ही नहीं, स्कूटी सौंपते समय उसमें 5 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि छात्राओं को तुरंत इसका उपयोग करने में सुविधा मिले।
दिव्यांग, शहीद परिवार और निराश्रित छात्राओं को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने इस योजना को केवल मेरिट तक सीमित नहीं रखा है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार दिव्यांग छात्राओं, निराश्रित छात्राओं और शहीद परिवारों की बेटियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इन श्रेणियों की छात्राओं के लिए मेरिट की अनिवार्यता नहीं होगी। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद और विशेष परिस्थितियों में रहने वाली छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। स्कूटी की खरीद सरकारी GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इसके अलावा कैबिनेट ने महिलाओं के लिए छात्रावासों की संख्या बढ़ाने, शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार करने और प्रदेश में दो नए एक्सप्रेसवे विकसित करने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों का असर आने वाले वर्षों में शिक्षा, परिवहन और बुनियादी ढांचे पर देखने को मिल सकता है।
मानसून सत्र से पहले सरकार और विपक्ष दोनों की तैयारियां तेज
योगी सरकार के ये फैसले ऐसे समय आए हैं, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होने वाला है। माना जा रहा है कि इस सत्र में विपक्ष कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, बेरोजगारी, छात्रों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे विषय विपक्ष के एजेंडे में शामिल रह सकते हैं। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि उसने शिक्षा, महिला सुरक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े कई ठोस फैसले लिए हैं और वह सदन में हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है। ऐसे में कैबिनेट के इन 16 प्रस्तावों को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
