झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रातू रोड स्थित एक मंदिर में रोज की तरह संध्या आरती चल रही थी। मंदिर में श्रद्धालु भगवान की भक्ति में डूबे हुए थे और घंटियों व शंख की आवाज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। इसी दौरान मंदिर के पुजारी आचार्य रजनीकांत मिश्रा भगवान की आरती कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ क्षण पहले तक वह पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ कर रहे थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते वह पूजा स्थल पर ही गिर पड़े। मंदिर में मौजूद लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल खुशी से मातम में बदल गया।
भक्ति में लीन थे पुजारी, अचानक पड़ा दिल का दौरा
मंदिर में मौजूद लोगों के अनुसार आचार्य रजनीकांत मिश्रा पूरी तरह से पूजा में व्यस्त थे। वह डमरू बजा रहे थे, शंख फूंक रहे थे और हाथों में आरती की थाल लेकर भगवान भोलेनाथ की आरती कर रहे थे। तभी अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह संतुलन खो बैठे। श्रद्धालुओं ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। मंदिर में मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई और आसपास मौजूद लोगों ने पुजारी को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी।
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और मंदिर में मौजूद श्रद्धालु सक्रिय हो गए। बिना समय गंवाए पुजारी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। इस खबर के सामने आते ही मंदिर से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। जो लोग कुछ देर पहले उनके साथ आरती में शामिल थे, उन्हें इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा था। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि कुछ मिनट पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे थे।
पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी घटना
मंदिर में पूजा करते समय पुजारी की अचानक मौत की यह घटना पूरे रांची शहर में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि जीवन कितना अनिश्चित है, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। आचार्य रजनीकांत मिश्रा लंबे समय से मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। उनकी सरलता और धार्मिक सेवाओं के कारण लोग उनका सम्मान करते थे। घटना के बाद मंदिर परिसर में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जीवन का कोई भरोसा नहीं होता और कब क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता।
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