नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 90 वर्षीय आसाराम ने अपनी बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए मेडिकल आधार पर जमानत की मांग की है। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि हाल ही में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है और इस याचिका पर 17 जुलाई को सुनवाई होगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अदालत स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें कोई राहत देती है या नहीं। यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है क्योंकि इससे पहले भी इलाज के लिए उन्हें अस्थायी राहत मिल चुकी है।
वकीलों ने बताया गंभीर स्वास्थ्य संकट का मामला
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। अदालत को जानकारी दी गई कि जुलाई के पहले सप्ताह में उन्हें आंतरिक रक्तस्राव की समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें उच्च जोखिम वाला मरीज बताया है और इलाज के दौरान रक्त भी चढ़ाना पड़ा। वकीलों का कहना है कि बढ़ती उम्र और लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए उन्हें विशेष राहत मिलनी चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट से जमानत देने का अनुरोध किया गया है। हालांकि अभी अदालत ने केवल सुनवाई की तारीख तय की है और जमानत पर कोई फैसला नहीं सुनाया है। अंतिम निर्णय सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही लिया जाएगा।
2013 का मामला, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा था
आसाराम के खिलाफ मामला वर्ष 2013 में दर्ज हुआ था। आरोप था कि एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण किया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई और बाद में मामला राजस्थान पहुंचा, जहां विस्तृत सुनवाई हुई। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने विभिन्न अदालतों में फैसले को चुनौती दी, लेकिन उनकी सजा बरकरार रही। हाल के वर्षों में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें कुछ समय के लिए इलाज की अनुमति और अस्थायी राहत मिली, लेकिन उनकी दोषसिद्धि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यह मामला देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है और हर कानूनी मोड़ पर लोगों की नजर बनी रहती है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
वर्तमान में आसाराम राजस्थान की जोधपुर जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी नई याचिका में बढ़ती उम्र, दिल से जुड़ी परेशानियों और हालिया स्वास्थ्य संकट का हवाला दिया गया है। दूसरी ओर, यह भी तथ्य है कि वह एक गंभीर अपराध में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उनकी सजा अभी प्रभावी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के सामने स्वास्थ्य और न्यायिक प्रक्रिया दोनों पहलुओं पर विचार करने की चुनौती होगी। 17 जुलाई की सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि मेडिकल आधार पर उन्हें कोई राहत दी जाए या नहीं। इस सुनवाई का परिणाम केवल आसाराम के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में स्वास्थ्य आधार पर जमानत से जुड़े कानूनी मानकों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
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