मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नन्हीटेहरी गांव में एक परिवार को सरकारी राशन के तहत गेहूं मिला था, लेकिन जब उन्होंने घर पहुंचकर बोरी खोली तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अनाज के बीच एक जानवर का कंकाल और हड्डियां दिखाई दीं। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी। ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
घर पहुंचने के बाद खुला पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गांव के निवासी कोमल लोधी सरकारी राशन लेने उचित मूल्य की दुकान पहुंचे थे। वहां उन्हें दो लाभार्थियों के हिस्से का गेहूं एक ही बोरी में भरकर दिया गया। जब वे राशन लेकर घर पहुंचे और बोरी खोली, तब उन्हें अनाज के बीच खोपड़ी जैसी संरचना और हड्डियां दिखाई दीं। परिवार के लोग यह दृश्य देखकर डर गए। इसके बाद उन्होंने बोरी को दोबारा बंद किया और ग्रामीणों को बुलाकर पूरी बात बताई। मामला सामने आने के बाद गांव के लोगों ने भी बोरी की जांच की और उसमें मौजूद संदिग्ध अवशेषों को देखा। इसके बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया और वे जवाब मांगने के लिए राशन दुकान पहुंच गए।
ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन हरकत में आया
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि गरीब परिवारों को दिया जाने वाला राशन अगर इस तरह की हालत में पहुंचेगा तो लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। सूचना मिलने के बाद खाद्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी और संबंधित बोरी को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही एहतियात के तौर पर उस खेप के राशन का वितरण भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
वेयरहाउस से आई थी राशन की खेप, जांच जारी
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह गेहूं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से दूसरे जिले के एक वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि अनाज की पैकिंग या भंडारण के दौरान यह लापरवाही हुई हो सकती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बोरी में मिला कंकाल किस जानवर का है और वह वहां कैसे पहुंचा। विभाग ने पूरी खेप की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही संबंधित वेयरहाउस और सप्लाई चेन की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने सरकारी राशन व्यवस्था की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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