अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान और फंड में कथित गड़बड़ी की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे अयोध्या छोड़कर कहीं न जाएं। सूत्रों के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जांच में कोई रुकावट न आए और सभी जरूरी सवालों के जवाब समय पर मिल सकें।
जमीन खरीद और दान रिकॉर्ड पर उठे सवाल
जांच में यह बात सामने आ रही है कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा जमीन खरीद और निर्माण सामग्री खरीद में कुछ अनियमितताएं हो सकती हैं। आरोप है कि कुछ जमीनें बाजार कीमत से बहुत ज्यादा दाम पर खरीदी गईं। इसके अलावा मंदिर में आए दान, सोना-चांदी और कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। SIT इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
दान की गिनती और CCTV रिकॉर्ड बना बड़ी चुनौती
जांच टीम के सामने एक बड़ी दिक्कत CCTV फुटेज और दान की गिनती को लेकर आ रही है। जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर का CCTV फुटेज सिर्फ 45 दिन तक ही सुरक्षित रहता है, उसके बाद अपने आप डिलीट हो जाता है। इसी वजह से पुराने रिकॉर्ड मिलना मुश्किल हो गया है। कुंभ मेले जैसे बड़े आयोजनों में भारी भीड़ और रोजाना आने वाले दान की वजह से रिकॉर्ड संभालना भी चुनौतीपूर्ण रहा।
जांच जारी, कई सवाल अभी भी बाकी
SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो वह कब और कैसे हुई। कुछ रिकॉर्ड में बदलाव के संकेत भी मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले पर अलग-अलग राजनीतिक बयान भी सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो रही है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी और कई सवालों के जवाब मिलेंगे।
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