उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त तेवरों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने लखनऊ के एक मंच से जो कहा, उसने पूरे सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। सीएम योगी ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों के मन में इस देश के प्रति न तो आस्था है, न निष्ठा है और जो यहां की संस्कृति व संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की यह पावन धरती कोई ‘धर्मशाला’ नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने ‘लव जिहाद’, जबरन धर्मांतरण की गहरी साजिशों और ‘लैंड जिहाद’ जैसी गतिविधियों पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए दोटूक लहजे में सुधार जाने की हिदायत दी है। लखनऊ में आयोजित एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सीएम का यह आक्रामक अंदाज सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा में सीएम योगी का बड़ा बयान
यह पूरा मामला लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह का है, जहां तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा राम कथा का वाचन किया जा रहा था। इसी व्यासपीठ को नमन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाज को बांटने वाली ताकतों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ देशविरोधी ताकतें जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को छिन्न-भिन्न करने की लगातार चेष्टा कर रही हैं, लेकिन भारत की असली ताकत यहाँ की संत शक्ति है जो हमेशा समाज को एकजुट रखने का काम करती है। उन्होंने जनता से अपील की कि संत समाज और व्यासपीठ द्वारा दिए जा रहे मर्म को सिर्फ सुनना नहीं है, बल्कि उसे अपने व्यावहारिक जीवन में अंगीकार भी करना होगा।
रामायण काल के ‘मामा-चाचा’ का जिक्र कर विरोधियों पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रामायण और महाभारत काल का उदाहरण देते हुए समकालीन व्यवस्था पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि रावण का मामा मारीच हो या दुर्योधन का मामा शकुनि, जब भी मामा और चाचा अनुचित व्यवस्थाओं में पड़ते हैं, तो वे समाज को कुसंग और विनाश की तरफ ही ले जाते हैं। रामायण काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह खर-दूषण, ताड़का और मारीच जैसे राक्षसों ने बस्तर के वनों और शिक्षण केंद्रों को तहस-नहस कर बंजर बना दिया था, वैसे ही आज की नकारात्मक ताकतें भी शिक्षा और शोध संस्थानों को बर्बाद करने पर तुली हुई हैं। भगवान राम ने उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने का जो महान कार्य किया था, वही देश की असली पहचान है।
‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ पर आर-पार की लड़ाई का एलान
नारी गरिमा और देश की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम द्वारा माता सीता की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष आज के समय में ‘लव जिहाद’ जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2009 और 2011 में केरल हाई कोर्ट ने भी देश की जनसांख्यिकी को बदलने की इस साजिश पर गहरी चिंता जताई थी, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2020 में ही इसके खिलाफ बेहद सख्त कानून बना दिया था, लेकिन अब इस पर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। इसके साथ ही ‘लैंड जिहाद’ पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने साफ कहा कि सरकारी या खाली जमीनों पर अवैध रूप से तंबू गाड़ने और कब्जा करने की प्रथा को अब उत्तर प्रदेश में पूरी तरह बंद करना होगा, और इसके लिए सभी को मुकाबले के लिए तैयार रहना चाहिए।
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