बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद उसके बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं। 19 सितंबर को मड़वा पहाड़ी इलाके में छात्रा अपने सहपाठी के साथ लौट रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने दोनों को रास्ते में रोक लिया और उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में लाल गमछे से चेहरा ढके एक युवक को देखा गया था। पुलिस जांच में इसी युवक की पहचान नंदन यादव के रूप में किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी।
शराब और अवैध बालू के कारोबार से जुड़ने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव जमुई के प्रतापपुर गांव का रहने वाला है और उसका नाम पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों से जुड़ता रहा है। पुलिस जांच में उस पर अवैध शराब के कारोबार और बालू के अवैध खनन से जुड़े होने का आरोप सामने आया है। बताया गया कि प्रतापपुर और उसके आसपास के इलाकों में बालू की अवैध ढुलाई तथा शराब की तस्करी से जुड़े नेटवर्क में उसकी भूमिका रही है। पुलिस अधिकारियों ने उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की है। हालांकि किसी व्यक्ति पर लगे आरोप और अदालत में साबित अपराध अलग-अलग बातें हैं, इसलिए उसके खिलाफ दर्ज मामलों की अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
2021 में प्रशासनिक टीम से टकराव का भी सामने आया मामला
नंदन यादव का नाम एक पुराने मामले में भी सामने आने की बात कही जा रही है। मई 2021 में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर हमला हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, उस दौरान तत्कालीन SDM प्रतिभा रानी के काफिले को निशाना बनाया गया था और गोलीबारी की घटना भी हुई थी। इस मामले में नंदन यादव और उसके साथियों का नाम सामने आने का दावा किया गया है। यही वजह है कि पुलिस अब उसके पुराने मामलों और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े रहे हैं और इलाके में उसका नेटवर्क कितना बड़ा था।
पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, साथी भी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने प्रतापपुर इलाके में कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव ने टीम को देखकर भागने की कोशिश की और फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी। उसका साथी हरेराम यादव भी पुलिस की गिरफ्त में आया और उसे भी चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों का इलाज जमुई सदर अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और बाकी संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है। अब पुलिस नंदन यादव के पुराने रिकॉर्ड, उसके साथियों और जमुई कांड में प्रत्येक आरोपी की भूमिका को जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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