खौफनाक मंजर बयां कर रहा था कड़वी हकीकत
घटनास्थल पर सतनाम का शव जिस हालत में मिला, उसने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया। नहर के उस सुनसान पुल पर शव के ठीक बगल में एक डिस्पोजेबल सिरिंज, लाइटर, बीड़ियों का बंडल और पानी का आधा भरा गिलास पड़ा हुआ था। ये तमाम चीजें चीख-चीखकर इशारा कर रही थीं कि युवक की जान किसी बीमारी या हादसे से नहीं, बल्कि नशे के जानलेवा टीके की ओवरडोज के कारण गई है। हालांकि, मौत के वास्तविक और आधिकारिक कारणों की पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का साफ मानना है कि नशे के इस जानलेवा ओवरडोज ने एक और नवयुवक की जिंदगी की डोर हमेशा के लिए काट दी। इस दुखद मंजर ने इलाके में तेजी से पैर पसार रहे नशे के काले कारोबार की एक भयावह और कड़वी तस्वीर दोबारा सबके सामने ला दी है।
“पति गया, पहला बेटा भी छिन गया… अब मेरा दूसरा चिराग भी बुझ गया!” — मां की करुण पुकार से हर आंख हुई नम
सतनाम की इस अचानक मौत ने एक ऐसे परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, जो पहले से ही दुखों का पहाड़ सह रहा था। मृतक की बुजुर्ग मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलखते हुए उन्होंने बताया कि उनके पति की मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी थी। इसके बाद उनका बड़ा बेटा भी नशे की इसी खौफनाक लत की भेंट चढ़कर दुनिया से रुखसत हो गया था। इसके बाद सतनाम ही उनके बुढ़ापे की आखिरी लाठी और इकलौता सहारा बचा था। मां के मुताबिक, सतनाम को भी नशे की बुरी लत लग चुकी थी। परिवार ने उसे इस दलदल से निकालने की अनगिनत कोशिशें कीं, कई बार रोका-टोका और समझा-बुझाकर थक गए, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। रोती हुई मां ने अब शासन और प्रशासन से गुहार लगाई है कि इलाके में जहर बेचने वाले नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और मां की गोद इस तरह सूनी न हो।
पुलिस को सौंपी गई लिखित अर्जी, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में गहराया खौफ और आक्रोश
इस पूरे संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर जब पुलिस प्रशासन से जानकारी ली गई, तो जलालाबाद के डीएसपी लवदीप सिंह गिल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने पुलिस को लिखित रूप में सूचित किया है कि सतनाम पूर्व में नशा करता जरूर था, लेकिन हाल के दिनों में उसने यह आदत छोड़ दी थी। परिजनों ने इस कठिन घड़ी में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम न कराने की बात कही है, जिसके चलते फिलहाल पुलिस स्तर पर कोई आधिकारिक मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया जो भी हो, लेकिन इस घटना ने सीमावर्ती गांवों में रहने वाले आम लोगों के दिलों में गहरा खौफ और आक्रोश भर दिया है। ग्रामीण अब एकजुट होकर यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक नशे का यह दानव उनके घरों के चिरागों को एक-एक करके बुझाता रहेगा।
Read more-बैडमिंटन खेलने निकला था विधायक का बेटा, फिर अचानक हुआ लापता… दिल्ली में मिला तो खुला राज
