हरियाणा के पानीपत जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कुछ समय के लिए पूरे इलाके के सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डाल दिया था। दरअसल, सनौली थाना क्षेत्र में एक युवक ने सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने और ‘लाइमलाइट’ बटोरने के चक्कर में एक बेहद घिनौनी और खतरनाक साजिश रच डाली। इस युवक ने गांव की एक मस्जिद को निशाना बनाया और वहां जाकर एक भड़काऊ वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया। वीडियो में युवक न केवल सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली बातें कर रहा था, बल्कि खुलेआम धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश भी कर रहा था। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तैरने लगा, इलाके में अचानक से तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ अफवाहें आग की तरह फैलती हैं, इस वीडियो ने भी लोगों के बीच आक्रोश और डर का माहौल बना दिया था।
‘आज कब्जा लेने आया हूँ’— खाली मस्जिद में युवक की ललकार
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना ईद के पवित्र त्योहार वाले दिन की है। आरोपी युवक दोपहर के समय सनौली स्थित एक मस्जिद के पास पहुँचा। दोपहर का वक्त होने के कारण मस्जिद पूरी तरह से खाली थी और वहां कोई भी नमाजी या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। माहौल को शांत और जगह को खाली देखकर युवक के दिमाग में एक खुराफात सूझी। उसने तुरंत अपने मोबाइल का कैमरा ऑन किया और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। वीडियो की शुरुआत में वह मस्जिद के मुख्य गेट के बाहर खड़ा होकर कैमरे के सामने बेहद आक्रामक अंदाज में ‘जय श्री राम’ के नारे लगाता है और कहता है कि वह आज इस मस्जिद पर कब्जा करने आया है। इसके बाद वह बेखौफ होकर मस्जिद के अंदरूनी परिसर में दाखिल हो जाता है और सन्नाटा देखकर जोर से ललकारते हुए कहता है, “कोई है क्या अंदर? आज मैं कब्जा लेने आया हूँ।” इस पूरी हरकत को उसने जानबूझकर एक सांप्रदायिक रंग दिया ताकि वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें और शेयर करें।
दो दिनों तक चली तलाश और बंद कमरे में खुला ‘लाइक-शेयर’ का राज
वीडियो के वायरल होते ही पानीपत जिले के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठन तुरंत अलर्ट हो गए। समाज में किसी भी तरह का दंगा या आपसी टकराव न फैले, इसके लिए स्थानीय बुजुर्गों, युवाओं और प्रबुद्ध लोगों ने तुरंत एक बैठक की। वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान करने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क का सहारा लिया गया और उसकी तलाश शुरू की गई। करीब दो दिनों की कड़ी मशक्कत और सघन खोजबीन के बाद आखिरकार ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने युवक को दबोच लिया। जब युवक को सामने बैठाकर पूछताछ की गई, तो उसकी पहचान सौधापुर गांव के रहने वाले दीपक के रूप में हुई। जब उससे इस शर्मनाक हरकत की वजह पूछी गई, तो उसने जो सच उगला, उसे सुनकर सब दंग रह गए। दीपक ने कुबूल किया कि उसका मस्जिद या किसी समुदाय से कोई पुराना विवाद नहीं था। वह तो बस सोशल मीडिया पर रातों-रात वायरल होना चाहता था और ढेर सारे ‘लाइक, कमेंट और शेयर’ पाने की भूख में उसने इस भड़काऊ वीडियो को तैयार किया था।
कान पकड़कर मांगी माफी, मौलाना के बड़े दिल ने टाला बड़ा विवाद
सच्चाई सामने आने और समाज का कड़ा रुख देखने के बाद युवक के होश ठिकाने आ गए और उसका सारा भूत उतर गया। अपनी गलती का अहसास होते ही उसने तुरंत हाथ जोड़कर और कान पकड़कर समाज के सामने माफी मांगी। युवक ने एक नया वीडियो संदेश जारी करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, “मुझसे बहुत बड़ी भूल हुई है। मेरे इस कृत्य की वजह से कोई भी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को खराब न करे। हमारे बीच का अमन-चैन हमेशा कायम रहना चाहिए।” इस बीच, सनौली थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि घटना के बाद मस्जिद के मौलाना की तरफ से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को ट्रैक किया था। हालांकि, जब समाज के सामने दोनों पक्ष इकट्ठा हुए और दीपक ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में कभी भी ऐसा न करने की कसम खाई, तो शिकायतकर्ता मौलाना और मुस्लिम समाज ने बड़ा दिल दिखाते हुए उसे माफ कर दिया और अपनी पुलिस शिकायत वापस ले ली। इस तरह प्रबुद्ध समाज और पुलिस के सूझबूझ से पानीपत में एक बड़ा विवाद होने से टल गया।
