दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 घंटे तक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से साफ कहा कि अगर मंत्री शाम 5 बजे तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे और नारेबाजी की गई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन माहौल काफी गरम रहा। प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
5 दिन का अल्टीमेटम, फिर बड़ा आंदोलन
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, नहीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अभिजीत ने दावा किया कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 13 जून को फिर से जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक शुरुआत है और आगे इसे देशभर में फैलाया जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान अभिजीत ने संविधान की प्रति और अंबेडकर की जीवनी भी अपने साथ रखी थी, जिससे उन्होंने अपना संदेश देने की कोशिश की।
दिल्ली में हाई अलर्ट जैसी स्थिति
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और संवेदनशील इलाकों में हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पुलिस ने किसी भी तरह की भीड़ या तनाव को रोकने के लिए पहले से योजना बनाई थी। प्रदर्शन स्थल पर भी सुरक्षा बल मौजूद रहे ताकि व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम तैयार थी। पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था नियंत्रण में रही।
अचानक खत्म हुआ धरना, अगली तैयारी शुरू
हालांकि प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चलना था, लेकिन इसे करीब 3 बजे ही खत्म कर दिया गया। इसके बाद अभिजीत दीपके और उनके कुछ साथी स्थल से रवाना हो गए। वहीं, अब संगठन ने घोषणा की है कि 13 जून को फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। CJP का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति और छात्र राजनीति दोनों में हलचल बढ़ा दी है।
