उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। महज एक बाइक चलाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद दो हंसते-खेलते परिवारों की बर्बादी का सबब बन गया। नवनीत विहार इलाके में हुए 17 वर्षीय सूर्य प्रताप (सूर्या) हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें बेहद चौंकाने वाले और खौफनाक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी असद के मारे जाने के बाद अब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली साजिश का पर्दाफाश हो चुका है। पुलिस ने इस मामले में असद के पिता नवाब और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद हत्या की जो इनसाइड स्टोरी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
मामूली सी बात और रची गई मौत की खौफनाक साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए सह-आरोपी फरहान और आतिफ (दोनों की उम्र 19 वर्ष) से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो इस मर्डर मिस्ट्री की एक-एक परत खुलती चली गई। गिरफ्तार आरोपी फरहान ने कुबूल किया कि मृतक सूर्य प्रताप उसका दोस्त था। बीते 28 मई को बकरीद वाले दिन दोपहर के करीब 3:00 बजे बाइक चलाने की एक छोटी सी बात को लेकर असद और सूर्या के बीच तीखी बहस हो गई थी। बात सिर्फ कहासुनी तक ही सीमित थी, लेकिन असद इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पाया। उसने तुरंत घर जाकर अपने पिता नवाब और दोस्तों को इस झगड़े के बारे में बताया। इसके बाद जो हुआ, उसने एक झटके में सब कुछ खत्म कर दिया।
‘कहानी खत्म कर दो’ – पिता के उकसावे पर असद ने उतारा मौत के घाट
असद की बात सुनते ही उसके पिता नवाब के सिर पर खून सवार हो गया। उसने मामले को शांत कराने के बजाय अपने बेटे को कानून हाथ में लेने के लिए उकसाया। योजना के मुताबिक, वारदात के महज आधे घंटे बाद ही आरोपियों ने सूर्या को नवनीत विहार की एक सुनसान गली में चारों तरफ से घेर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोस्त फरहान ने ही असद के हाथ में धारदार चाकू थमाया था, जबकि पिता नवाब ने चीखते हुए असद से कहा— “आज इसकी कहानी ही खत्म कर दो।” पिता से हरी झंडी मिलते ही असद ने बेरहमी से सूर्या पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सूर्या को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस एक्शन: आरोपी असद का एनकाउंटर और तीन गिरफ्तारियां
इस दर्दनाक हत्याकांड के बाद गाजियाबाद पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी असद अपने साथियों से पैसे जुटाकर शहर से भागने की फिराक में है। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान बाइक पर जा रहे असद को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की आत्मरक्षार्थ गोलीबारी में असद गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता पिता नवाब, फरहान और आतिफ को सलाखों के पीछे भेजकर इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है।
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